काल बनकर आया रीछ, काफी देर तक मुकाबला करने के बाद 'प्रेमलाल हार गया जिंदगी की जंग'
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थानाक्षेत्र के छतैनी माफी निवासी प्रेमलाल ने बताया पिता शिवजतन कोल (48) पुत्र सुगऊ शुक्रवार की सुबह घर से यह कहकर निकला था कि वह जंगल से लकड़ी लेकर आएगा। देर शाम तक न लौटने पर चाचा हीरालाल को जानकारी दी। परेशान परिजनों ने जंगल की ओर उसकी तलाश शुरू की। लगभग तीन किमी आगे खड़गड़ार जंगल में लहूलुहान अवस्था में शिवजन पड़ा मिला। उसके पास ही रक्तरंजित कुल्हाड़ी व कपड़े पडे़ थे। आसपास जंगली जानवर के बाल व मांस का टुकड़ा पड़ा था।
जिससे अनुमान लगाया गया कि रीछ ने हमला किया और काफी देर तक उसने रीछ का अकेले मुकाबला किया। घटनास्थल पर मृतक अकेले ही था। जिसके कारण इस घटना की जानकारी किसी को नहीं हो सकी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष शशी प्रकाश भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जंगली जानवर के हमले से ही ग्रामीण की मौत हुई है। जंगल में अक्सर जानवरों का खतरा बना रहता है। मृतक मजदूरी करता था। पत्नी श्यामकली के अलावा तीन पुत्र व दो पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल है।