Kanpur: शावकों से बिछड़े नर-मादा लकड़बग्घा बने खूंखार, गुर्राहट मारते सड़कों में घूम रहे…गांवों में फैली दहशत
Kanpur News: भीतरगांव इलाके में शावकों से बिछड़े नर-मादा लकड़बग्घा खूंखार हो गए हैं। इसके चलते दर्जनभर गांवों में दहशत फैली हुई है। खूंखार जानवर का खुलेआम सड़क पर घूमता हुआ देख ग्रामीण सकते में है।
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कानपुर के भीतरगांव इलाके में बरईगढ़, छतेरुवा, मेहरौली व बौछनिया घुरुवाखेड़ा के मध्य जंगल में बनी मिट्टी की मांद में पांच शावकों को जन्म देने के बाद शिकार के लिए निकले नर-मादा लकड़बग्घा उनसे करीब 10 किलो मीटर दूर दूसरे इलाके में पहुंच गए।
अब शावकों के पास तक पहुंचने के लिए भटक रहे हैं। अनुमान है कि दिशा भटकने के चलते वापस अपने शावकों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। शावकों से बिछड़ने के बाद दोनों लकड़बग्घा खूंखार हो चुके हैं। अजीब तेज गुर्राहट की आवाज निकालते रात में खेतों में धमाचौकड़ी मचाने के बाद अब उनकी आमद गांव किनारे तक दिखने लगी है।
कई दिनों से मांद में नहीं दिखे दोनों लकड़बग्घे
ग्रामीणों के मुताबिक बीते एक पखवाड़े पहले लकड़बग्घे के जोड़े ने पांडु नदी किनारे जंगल में बनी मिट्टी की मांद के अंदर पांच शावकों को जन्म दिया था। कुछ दिन बाद सभी शावक ठंड में धूप सेकने के लिए अपनी मांद के बाहर आकर बैठते उछल कूद करते भी किसानों ने देखा था। बीते गुरुवार दिन से शावकों के पास व मांद में दोनों लकड़बग्घे नहीं दिखे हैं।
दर्जन भर गांवों में फैली दहशत
तभी मालूम चला दोनों लकड़बग्घे बीते दो दिन से बरईगढ़-छतेरुवा मार्ग में गांव किनारे तक देखे गए हैं। इससे उनकी दहशत बौछनिया, मेहरौली, घुरुवाखेड़ा, छतेरुवा, बरईगढ़, निवादा उजागर, अमौर, सचौली बहादुरगढ़, एकघरा सहित दर्जनों गांवों में है। लकड़बग्घे की दहशत फैलने से किसान खेतों की तरफ नहीं पहुंच पा रहे हैं। खूंखार जानवर का खुलेआम सड़क पर घूमता हुआ देख ग्रामीण सकते में है।