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और दस पार्कों को गोद देने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2016 01:34 AM IST
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बर्रा-8 ग्रीनबेल्ट पर कब्जा।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। नगर निगम ने 10 और पार्कों को क्षेत्रीय समितियों को गोद देने की तैयारी की है। वह इनमें विकास कार्य कराकर समितियों को सौंप देगा। फिर वे ही इन्हें हरा-भरा रखेंगी। इससे पहले भी नगर निगम ने 21 पार्कों को गोद दिया था, जिनका क्षेत्रीय समितियां रखरखाव कर रही हैं।
नगर निगम ने शहरवासियों से क्षेत्रीय समितियां बनाकर पार्कों को गोद लेने का आह्वान किया था। नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह के अनुसार जो क्षेत्रीय समितियां पार्क गोद लेने के लिए आवेदन देंगी, यदि वे पार्क अविकसित हैं, तो उन्हें विकसित कराकर क्षेत्रीय समितियों को सौंप दिया जाएगा। इस अभियान के तहत 21 पार्कों को विभिन्न समितियों को सौंपने के बाद अब जोन-2 के कृष्णा नगर, किदवई नगर वाई-वन ब्लाक, श्याम नगर और जोन-3 के दामोदर नगर, साकेत नगर, ढकनापुरवा, बर्रा आदि मोहल्लों के लोग आगे आए हैं। इन लोगों ने समितियां बनाकर पार्कों को गोद लेने के लिए निगम में आवेदन किया। नगर निगम ने भी इन्हें गोद देने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। इनमें से आठ पार्क विकसित हैं, दो अन्य को विकसित कराया जाएगा।
अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर साउथ। बर्रा आठ बाईपास से लेकर राम गोपाल चौराहे तक की ग्रीनबेल्ट पर कब्जे हो गए हैं। पेड़ पौधे काटकर दुकानें तान ली गई हैं। एक गेस्ट हाउस के संचालक ने तो ग्रीनबेल्ट पर ही पार्किंग बना रखी है।
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बर्रा आठ में करीब पंद्रह साल पहले कालोनी बसाने के साथ ही ग्रीन बेल्ट भी बनाई गई थी। कुछ साल तक तो हरियाली नजर आई, पर जैसे जैसे आबादी बढ़ती गई, ग्रीनबेल्ट सिकुड़ती गई। अब करीब डेढ़ किमी लंबी ग्रीन बेल्ट पर चाय, पान और सैलून की दुकानें नजर आती हैं। जेसीबी और क्रेन भी ग्रीन बेल्ट पर खड़ी रहती हैं। कहा जा रहा कि कुछ दबंग तो ग्रीनबेल्ट पर दुकानें खुलवाकर किराया वसूल रहे हैं। पार्षद पुत्र अर्पित यादव का कहना है कि ग्रीन बेल्ट को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए जल्द ही नगर आयुक्त से मिलेंगे।
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नगर निगम ने शहरवासियों से क्षेत्रीय समितियां बनाकर पार्कों को गोद लेने का आह्वान किया था। नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह के अनुसार जो क्षेत्रीय समितियां पार्क गोद लेने के लिए आवेदन देंगी, यदि वे पार्क अविकसित हैं, तो उन्हें विकसित कराकर क्षेत्रीय समितियों को सौंप दिया जाएगा। इस अभियान के तहत 21 पार्कों को विभिन्न समितियों को सौंपने के बाद अब जोन-2 के कृष्णा नगर, किदवई नगर वाई-वन ब्लाक, श्याम नगर और जोन-3 के दामोदर नगर, साकेत नगर, ढकनापुरवा, बर्रा आदि मोहल्लों के लोग आगे आए हैं। इन लोगों ने समितियां बनाकर पार्कों को गोद लेने के लिए निगम में आवेदन किया। नगर निगम ने भी इन्हें गोद देने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। इनमें से आठ पार्क विकसित हैं, दो अन्य को विकसित कराया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर साउथ। बर्रा आठ बाईपास से लेकर राम गोपाल चौराहे तक की ग्रीनबेल्ट पर कब्जे हो गए हैं। पेड़ पौधे काटकर दुकानें तान ली गई हैं। एक गेस्ट हाउस के संचालक ने तो ग्रीनबेल्ट पर ही पार्किंग बना रखी है।
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बर्रा आठ में करीब पंद्रह साल पहले कालोनी बसाने के साथ ही ग्रीन बेल्ट भी बनाई गई थी। कुछ साल तक तो हरियाली नजर आई, पर जैसे जैसे आबादी बढ़ती गई, ग्रीनबेल्ट सिकुड़ती गई। अब करीब डेढ़ किमी लंबी ग्रीन बेल्ट पर चाय, पान और सैलून की दुकानें नजर आती हैं। जेसीबी और क्रेन भी ग्रीन बेल्ट पर खड़ी रहती हैं। कहा जा रहा कि कुछ दबंग तो ग्रीनबेल्ट पर दुकानें खुलवाकर किराया वसूल रहे हैं। पार्षद पुत्र अर्पित यादव का कहना है कि ग्रीन बेल्ट को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए जल्द ही नगर आयुक्त से मिलेंगे।