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महोबा कांड: आईपीएस मणिलाल का नहीं सुराग, खाक छान रही पुलिस
Sat, 28 Nov 2020 06:55 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 28 Nov 2020 06:55 PM IST
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इंद्रकांत त्रिपाठी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में फरार चल रहे आईपीएस मणिलाल पाटीदार और सिपाही अरुण कुमार का अभी तक सुराग नहीं लगा है। पुलिस की टीमें लोकेशन के आधार पर दोनों आरोपियों की तलाश में लगी हैं।
आईपीएस मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा रही, लेकिन आला अफसरों ने इसे महज अफवाह बताया है। कबरई कस्बा निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की गोली लगने से मौत हो गई थी।
घटना से पहले इंद्रकांत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया था, इसमें तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला और सिपाही अरुण कुमार (दोनों बर्खास्त) पर रिश्वत मांगने व धमकी देने का आरोप लगाया था।
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मामले में मणिलाल पाटीदार समेत तीन पुलिसकर्मियों व दो व्यापारियों के खिलाफ कबरई थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस आरोपी थानेदार व दो व्यापारियों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अभी तक आईपीएस और सिपाही का सुराग नहीं लगा है।
सोशल मीडिया पर आईपीएस मणिलाल पाटीदार की झांसी और प्रयागराज के बीच से गिरफ्तार किए जाने की खबर वायरल हुई। बाद में राजस्थान से गिरफ्तार किए जाने की चर्चा रही। मामले में एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के एक पत्रकार के बेटे ने सोशल मीडिया पर एसपी मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी की झूठी खबर वायरल की थी।
आरोपी को पकड़ कर थाने लाया गया था। माफी मांगने पर उसे छोड़ा गया है। बकौल एसपी अभी तक मामले में आरोपी मणिलाल पाटीदार और सिपाही अरुण का पता नहीं चला है। पुलिस टीमें दोनों की तलाश में जुटी हैं।
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आईपीएस मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा रही, लेकिन आला अफसरों ने इसे महज अफवाह बताया है। कबरई कस्बा निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की गोली लगने से मौत हो गई थी।
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घटना से पहले इंद्रकांत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया था, इसमें तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला और सिपाही अरुण कुमार (दोनों बर्खास्त) पर रिश्वत मांगने व धमकी देने का आरोप लगाया था।
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मामले में मणिलाल पाटीदार समेत तीन पुलिसकर्मियों व दो व्यापारियों के खिलाफ कबरई थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस आरोपी थानेदार व दो व्यापारियों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अभी तक आईपीएस और सिपाही का सुराग नहीं लगा है।
सोशल मीडिया पर आईपीएस मणिलाल पाटीदार की झांसी और प्रयागराज के बीच से गिरफ्तार किए जाने की खबर वायरल हुई। बाद में राजस्थान से गिरफ्तार किए जाने की चर्चा रही। मामले में एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के एक पत्रकार के बेटे ने सोशल मीडिया पर एसपी मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी की झूठी खबर वायरल की थी।
आरोपी को पकड़ कर थाने लाया गया था। माफी मांगने पर उसे छोड़ा गया है। बकौल एसपी अभी तक मामले में आरोपी मणिलाल पाटीदार और सिपाही अरुण का पता नहीं चला है। पुलिस टीमें दोनों की तलाश में जुटी हैं।