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महोबा कांड: क्रशर कारोबारी की मौत का मामला, आईपीएस अफसर की अरेस्ट स्टे अर्जी हाईकोर्ट से खारिज
Mon, 02 Nov 2020 11:32 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 Nov 2020 11:32 PM IST
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इंद्रकांत त्रिपाठी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में आरोपी महोबा जिले के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। फरार चल रहे आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार की अरेस्ट स्टे संबंधी याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी।
अब मणिलाल पाटीदार को जांच टीम के सामने पेश होना पड़ेगा। उधर, दो दिन तक जिले में मौजूद रही रेंज एसआईटी की टीम कई लोगों से पूछताछ और साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद प्रयागराज वापस चली गई।
कबरई कस्बा निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में आरोपी निलंबित आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पिछले महीने अरेस्ट स्टे के लिए अर्जी लगाई थी। इधर, इंद्रकांत के भाई रवीकांत ने हाईकोर्ट में केवियट दायर की थी।
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आईपीएस की अर्जी की सुनवाई पहले 20 और फिर 21 अक्तूबर तय की गई, लेकिन किसी वजह से हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। कोर्ट ने दो नवंबर को सुनवाई की तिथि मुकर्रर की थी। कारोबारी के भाई रविकांत ने बताया कि मणिलाल पाटीदार की अरेस्ट स्टे की अर्जी पर सोमवार की सुबह हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और सिद्धार्थ वर्मा की संयुक्त पीठ ने सुनवाई की।
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अब मणिलाल पाटीदार को जांच टीम के सामने पेश होना पड़ेगा। उधर, दो दिन तक जिले में मौजूद रही रेंज एसआईटी की टीम कई लोगों से पूछताछ और साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद प्रयागराज वापस चली गई।
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कबरई कस्बा निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में आरोपी निलंबित आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पिछले महीने अरेस्ट स्टे के लिए अर्जी लगाई थी। इधर, इंद्रकांत के भाई रवीकांत ने हाईकोर्ट में केवियट दायर की थी।
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आईपीएस की अर्जी की सुनवाई पहले 20 और फिर 21 अक्तूबर तय की गई, लेकिन किसी वजह से हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। कोर्ट ने दो नवंबर को सुनवाई की तिथि मुकर्रर की थी। कारोबारी के भाई रविकांत ने बताया कि मणिलाल पाटीदार की अरेस्ट स्टे की अर्जी पर सोमवार की सुबह हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और सिद्धार्थ वर्मा की संयुक्त पीठ ने सुनवाई की।
दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मणिलाल पाटीदार की अरेस्ट स्टे को याचिका खारिज कर दी। उधर, कारोबारी की मौत के मामले की जांच कर रही रेंज एसआईटी की टीम ने सोमवार को भी पीड़ित परिवार के लोगों के साथ ही कई अन्य लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किया।
टीम ने घटनास्थल और घटना से जुड़े फोटोग्राफ देखे और साथ ही साक्ष्य भी जुटाए। एसआईटी की टीम इंद्रकांत के घर भी गई। आसपास के लोगों के साथ ही इंद्रकांत को अस्पताल ले जाने वालों के भी बयान दर्ज किए। घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने व लोगों के बयान लेने के बाद टीम सोमवार की देर शाम प्रयागराज लौट गई। एसआईटी की टीम रविवार को कबरई आई थी।
ये था मामला
इंद्रकांत त्रिपाठी क्रशर कारोबारी थे। सात सितंबर को इंद्रकांत ने एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया था। इसमें तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर वसूली करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
आठ सितंबर को इंद्रकांत गोली लगने से घायल हो गए थे। 13 सितंबर को उनकी कानपुर के रिजेंसी अस्पताल में मौत हो गई थी। मामले में 11 सितंबर को कबरई थाने में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन कबरई थाना प्रभारी देवेंद्र शुक्ला, ब्रह्मदत्त, सुरेश सोनी और अन्य के खिलाफ हत्या का प्रयास व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इंद्रकांत की मौत के बाद पुलिस ने एफआईआर को हत्या के प्रयास की धारा से हत्या की धारा में तरमीम कर दिया था। ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी को गिरफ्तार करके पुलिस जेल भेज चुकी है। पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार और इंस्पेक्टर निलंबित चल रहे हैं। मामले की जांच प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा कर रहे हैं।
टीम ने घटनास्थल और घटना से जुड़े फोटोग्राफ देखे और साथ ही साक्ष्य भी जुटाए। एसआईटी की टीम इंद्रकांत के घर भी गई। आसपास के लोगों के साथ ही इंद्रकांत को अस्पताल ले जाने वालों के भी बयान दर्ज किए। घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने व लोगों के बयान लेने के बाद टीम सोमवार की देर शाम प्रयागराज लौट गई। एसआईटी की टीम रविवार को कबरई आई थी।
ये था मामला
इंद्रकांत त्रिपाठी क्रशर कारोबारी थे। सात सितंबर को इंद्रकांत ने एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया था। इसमें तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर वसूली करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
आठ सितंबर को इंद्रकांत गोली लगने से घायल हो गए थे। 13 सितंबर को उनकी कानपुर के रिजेंसी अस्पताल में मौत हो गई थी। मामले में 11 सितंबर को कबरई थाने में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन कबरई थाना प्रभारी देवेंद्र शुक्ला, ब्रह्मदत्त, सुरेश सोनी और अन्य के खिलाफ हत्या का प्रयास व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इंद्रकांत की मौत के बाद पुलिस ने एफआईआर को हत्या के प्रयास की धारा से हत्या की धारा में तरमीम कर दिया था। ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी को गिरफ्तार करके पुलिस जेल भेज चुकी है। पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार और इंस्पेक्टर निलंबित चल रहे हैं। मामले की जांच प्रयागराज के एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा कर रहे हैं।