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महोबा: पुलिस की वसूली से त्रस्त थे इंद्रकांत, मौत के पीछे एसपी ही जिम्मेदार, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 07 Sep 2021 09:01 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 07 Sep 2021 09:01 AM IST
सार

बयानों में पीड़ितों ने बताया कि आरोपी एसपी ने कई कारखास बना रखे थे। वह क्रशर कारोबारियों से हर महीने वसूली करता था। यही नहीं ट्रांसपोर्टरों से एक-एक ट्रक की वसूली की जाती थी। इंद्रकांत से भी लगातार वसूली की जा रही थी। विजिलेंस की टीम बयान दर्ज करने के बाद लौट आई।

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Mahoba: Businessman Indrakant death case, Indrakant was troubled by the recovery of the police
इंद्रकांत त्रिपाठी की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कबरई (महोबा) के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत और उगाही में फंसे निलंबित फरार आईपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। विजिलेंस के अफसरों ने मृतक के परिजनों और कारोबार के साझेदारों के बयान दर्ज किए।
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बयानों में सभी ने कहा है कि आरोपी एसपी की उगाही से इंद्रकांत समेत तमाम व्यापारी त्रस्त थे। इंद्रकांत की मौत के जिम्मेदार भी एसपी ही हैं। बयानों के आधार पर विजिलेंस जांच आगे बढ़ाएगी। कबरई निवासी इंद्रकांत ने सात सितंबर 2020 को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था।
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इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि एसपी महोबा उनसे पांच लाख रुपये मांग कर रहे हैं। उनको कुछ भी हो जाता है तो इसके जिम्मेदार एसपी मणिलाल पाटीदार होंगे। दूसरे ही दिन इंद्रकांत अपनी ही कार में घायल मिले थे।
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उनकी गर्दन में गोली लगी थी। 13 सितंबर को कानपुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। मामले में आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर केस दर्ज किया गया था। तब से फरार है और उस पर एक लाख का इनाम घोषित है।

भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए विजिलेंस कानपुर यूनिट को जिम्मेदारी दी गई थी। बीते सप्ताह विजिलेंस के एसपी समेत अन्य अफसर कबरई स्थित इंद्रकांत के घर पहुंचे। यहां पर इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी के अलावा इंद्रकांत के व्यापार में रहे दो साझेदारों के बयान दर्ज किए।

बिना पैसे कोई काम नहीं, एक-एक गाड़ी से होती थी वसूली
बयानों में पीड़ितों ने बताया कि आरोपी एसपी ने कई कारखास बना रखे थे। वह क्रशर कारोबारियों से हर महीने वसूली करता था। यही नहीं ट्रांसपोर्टरों से एक-एक ट्रक की वसूली की जाती थी। इंद्रकांत से भी लगातार वसूली की जा रही थी। विजिलेंस की टीम बयान दर्ज करने के बाद लौट आई। कुछ दस्तावेज भी जुटाए हैं।

आरोपी की गिरफ्तारी न होने से लंबी खिंच रही जांच
एक साल से आरोपी मणिलाल पाटीदार फरार है। पुलिस के साथ एसटीएफ भी उसकी गिरफ्तारी के लिए लगाई गई है लेकिन सुराग नहीं लगा है। गिरफ्तारी न होने से विजिलेंस की जांच लंबी खिंच रही है। क्योंकि जांच में आरोपी के बयान व उसके जरिये कुछ अहम जानकारियां करनी होती हैं। जो जांच की प्रक्रिया के तहत हैं। 
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