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मड़ौली कांड : एसआईटी ने स्टेट फोरेंसिक लैब से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, निदेशक को भेजा पत्र
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कानपुर देहात। मड़ौली के चालहा गांव में कब्जा हटाने के दौरान झोपड़ी में लगी से मां-बेटी की जलकर हुई मौत मामले में एसआईटी को फोरेंसिक एक्सपर्ट की प्रारंभिक रिपोर्ट मिल गई है। इस रिपोर्ट से कई चीजें साफ नहीं हुई है।
अब एसआईटी ने स्टेट व कानपुर मंडल की फोरेंसिक टीम में शामिल रहे वैज्ञानिकों से कई बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अफसरों ने मां-बेटी की डीएनए रिपोर्ट के लिए रिमांडर लेटर भी भेजा है। सूत्रों का कहना है कि फोरेंसिक की विस्तृत रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद ही एसआईटी किसी नतीजे में पहुंच सकेगी।
चालहा गांव में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के दौरान 13 फरवरी को झोपड़ी में लगी आग में जलकर कृष्ण गोपाल दीक्षित की पत्नी प्रमिला और बेटी नेहा की मौत हो गई थी।
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इस मामले में हत्या व अन्य धाराओं में तत्कालीन निलंबित मैथा एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक कुमार सिंह समेत 12 नामजद के साथ ही 39 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
डीजीपी ने मां-बेटी की हत्या के मामले की विवेचना के लिए एसपी हरदोई राजेश पांडेय की अगुवाई में एसआईटी गठित की थी। सीओ विकास जायसवाल टीम के साथ कई बार विवेचना के लिए हरदोई से कानपुर देहात आ चुके है।
इस मामले में घटनास्थल स्थल पर मौजूद रहे पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। आरोपी निलंबित एसडीएम व जेल में बंद लेखपाल समेत आठ लोगों के वायस सैंपल भी लेकर फोरेंसिक लैब भेजे जा चुके हैं।
सूत्रों की मानें एसआईटी करीब-करीब अपनी विवेचना पूरी कर चुकी है। बस उसे फोरेंसिक एक्सपर्ट की विस्तृत रिपोर्ट, मां-बेटी की डीएनए और वायस मिलान की रिपोर्ट का इंतजार हैं।
एसआईटी को फोरेंसिक टीम को जो रिपोर्ट मिली है, उससे बहुत चीजें साफ नहीं हुई है। इसलिए एसआईटी के अफसरों स्टेट फोरेंसिक लैब के निदेशक को पत्र भेजकर विस्तृत रिपोर्ट के साथ ही डीएनए रिपोर्ट जल्दी दिए जाने के लिए पत्र भेजा है।
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अब एसआईटी ने स्टेट व कानपुर मंडल की फोरेंसिक टीम में शामिल रहे वैज्ञानिकों से कई बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अफसरों ने मां-बेटी की डीएनए रिपोर्ट के लिए रिमांडर लेटर भी भेजा है। सूत्रों का कहना है कि फोरेंसिक की विस्तृत रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद ही एसआईटी किसी नतीजे में पहुंच सकेगी।
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चालहा गांव में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के दौरान 13 फरवरी को झोपड़ी में लगी आग में जलकर कृष्ण गोपाल दीक्षित की पत्नी प्रमिला और बेटी नेहा की मौत हो गई थी।
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इस मामले में हत्या व अन्य धाराओं में तत्कालीन निलंबित मैथा एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल अशोक कुमार सिंह समेत 12 नामजद के साथ ही 39 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
डीजीपी ने मां-बेटी की हत्या के मामले की विवेचना के लिए एसपी हरदोई राजेश पांडेय की अगुवाई में एसआईटी गठित की थी। सीओ विकास जायसवाल टीम के साथ कई बार विवेचना के लिए हरदोई से कानपुर देहात आ चुके है।
इस मामले में घटनास्थल स्थल पर मौजूद रहे पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। आरोपी निलंबित एसडीएम व जेल में बंद लेखपाल समेत आठ लोगों के वायस सैंपल भी लेकर फोरेंसिक लैब भेजे जा चुके हैं।
सूत्रों की मानें एसआईटी करीब-करीब अपनी विवेचना पूरी कर चुकी है। बस उसे फोरेंसिक एक्सपर्ट की विस्तृत रिपोर्ट, मां-बेटी की डीएनए और वायस मिलान की रिपोर्ट का इंतजार हैं।
एसआईटी को फोरेंसिक टीम को जो रिपोर्ट मिली है, उससे बहुत चीजें साफ नहीं हुई है। इसलिए एसआईटी के अफसरों स्टेट फोरेंसिक लैब के निदेशक को पत्र भेजकर विस्तृत रिपोर्ट के साथ ही डीएनए रिपोर्ट जल्दी दिए जाने के लिए पत्र भेजा है।