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Kanpur News: मड़ौली कांड की अब 15 को होगी सुनवाई
Wed, 06 Dec 2023 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:41 AM IST
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कानपुर देहात । रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली कांड के मामले में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 15 दिसंबर की तारीख नियत की है।
मड़ौली गांव निवासी गेदनलाल दीक्षित ने गांव के कृष्ण गोपाल दीक्षित सहित अन्य लोगों के खिलाफ आबादी की जमीन में कब्जा कर मकान बनाने की शिकायत की थी। इसपर 13 फरवरी 2023 को एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, एसओ रूरा दिनेश गौतम व लेखपाल अशोक सिंह चौहान सहित अन्य ने जेसीबी के साथ वहां पहुंचकर उसकी झोपड़ी ढहा दी थी। इससे लगी आग में गृहस्वामिनी प्रमिला दीक्षित व उनकी बेटी नेहा की जलकर मौत हो गई थी। मामले में उनके पुत्र शिवम दीक्षित ने रूरा थाने में 11 नामजद सहित 15-20 लोगोंं के खिलाफ बलवा व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में एसआईटी टीम ने मामले की विवेचना के बाद जेसीबी चालक और लेखपाल अशोक सिंह सहित तीन अन्य के विरूद्ध साधारण धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए गए थे। वहीं जांच में एसडीएम मैथा, तत्कालीन कानूनगो व एसओ रूरा तथा सिपाहियों को क्लीन चिट दी थी। इस पर वादी पक्ष की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर एसआईटी जांच पर आपत्ति जताते हुए सभी आरोपियों को अदालत तलब करने के साथ ही उन पर हत्या की धारा में मुकदमा चलाने की मांग की गई थी। जिसकी सुनवाई सीजेएम अलंकृता शक्ति त्रिपाठी की अदालत में चल रही है। वादी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि मंगलवार को मामले में बहस नहीं हो सकी है।
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मड़ौली गांव निवासी गेदनलाल दीक्षित ने गांव के कृष्ण गोपाल दीक्षित सहित अन्य लोगों के खिलाफ आबादी की जमीन में कब्जा कर मकान बनाने की शिकायत की थी। इसपर 13 फरवरी 2023 को एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, एसओ रूरा दिनेश गौतम व लेखपाल अशोक सिंह चौहान सहित अन्य ने जेसीबी के साथ वहां पहुंचकर उसकी झोपड़ी ढहा दी थी। इससे लगी आग में गृहस्वामिनी प्रमिला दीक्षित व उनकी बेटी नेहा की जलकर मौत हो गई थी। मामले में उनके पुत्र शिवम दीक्षित ने रूरा थाने में 11 नामजद सहित 15-20 लोगोंं के खिलाफ बलवा व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में एसआईटी टीम ने मामले की विवेचना के बाद जेसीबी चालक और लेखपाल अशोक सिंह सहित तीन अन्य के विरूद्ध साधारण धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए गए थे। वहीं जांच में एसडीएम मैथा, तत्कालीन कानूनगो व एसओ रूरा तथा सिपाहियों को क्लीन चिट दी थी। इस पर वादी पक्ष की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर एसआईटी जांच पर आपत्ति जताते हुए सभी आरोपियों को अदालत तलब करने के साथ ही उन पर हत्या की धारा में मुकदमा चलाने की मांग की गई थी। जिसकी सुनवाई सीजेएम अलंकृता शक्ति त्रिपाठी की अदालत में चल रही है। वादी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि मंगलवार को मामले में बहस नहीं हो सकी है।
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