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शहरी बनने में किसानों को घाटा

Mon, 01 Aug 2016 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Mon, 01 Aug 2016 12:52 AM IST
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Losses become urban farmers
खेती - फोटो : ब्यूरो
मनोज चौरसिया
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कानपुर। नगर निगम की सीमा में शामिल होने वाले 57 गांवों के लोगों को भले ही आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी लेकिन किसानों को अपनी जमीन के एवज में ज्यादा रकम नहीं मिल सकेगी। दरअसल, आवास-विकास परिषद, केडीए, यूपीएसआईडीसी की कल्याणपुर और बिठूर पंचायत क्षेत्र में विकास योजनाएं प्रस्तावित हैं। शहरी सीमा विस्तार से इन विभागों को तो फायदा होगा क्योंकि उन्हें नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जमीन अर्जित करने में बाजार मूल्य से दो गुना ज्यादा ही मुआवजा देना पड़ेगा, जबकि इन गांवों के ग्रामीण क्षेत्र में ही रहने पर इन विभागों को चार गुना मुआवजा देना पड़ता। इस प्रकार 57 गांवों के शहरी सीमा में शामिल होना वहां के किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होगा।
नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बीती 25 जुलाई को आयोजित बैठक में कल्याणपुर और बिठूर क्षेत्र के 57 गांवों को शहरी सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इस प्रस्ताव को सदन से भी जल्द पास कराकर शासन को भेजने और वहां इस पर अंतिम मुहर लगवाने की तैयारी है। मुहर लगते ही यहां की मुआवजा राशि भी कम हो जाएगी। 
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केडीए भी पीछे नगर निगम भी
20 वर्षीय महायोजना के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में अभी 26,223 हेक्टेयर आता है। केडीए को सीमा से सटे आठ किलोमीटर के दायरे में जमीन अर्जित कर विकसित करना है। फिर इसे नगर निगम को हैंडओवर करना है  पर विकास प्राधिकरण बहुत कम जमीन ही विकसित कर पाया है। वहीं नगर निगम भी शहरी क्षेत्र के कपली, गंभीरपुर सहित अन्य गांवों में अभी तक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा पाया है। 
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किसानों को लगेगा झटका
सिंहपुर से नारामऊ होते हुए बिठूर तक की जमीन का डीएम सर्किल रेट 1.80 करोड़ प्रति हेक्टेयर है। यदि यह क्षेत्र ग्राम पंचायत में शामिल रहता है तो वहां जमीन अर्जित किए जाने पर किसानों को बाजार मूल्य से चार गुना ज्यादा यानी 7.20 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलेगा, पर यदि यही गांव शहरी क्षेत्र में शामिल हो गए तो किसानों को बाजार मूल्य से दो गुने ही यानी 3.60 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे से ही संतोष करना पड़ेगा। 2014 में आए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत यह नियम बनाया गया है।


विस्तार गलत, सीएम से की शिकायत
हम 57 गांवों को शहरी सीमा में शामिल करने का लगातार विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे न सिर्फ किसानों को भविष्य में अर्जित की जाने वाली जमीन का दोगुना मुआवजा ही मिलेगा, बल्कि मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रहेंगे क्योंकि नगर निगम शहरी क्षेत्र के गांव कपली, गंभीरपुर, कल्याणपुर, बदुआपुर, पनकी भऊसिंह, सुजानपुर आदि गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाया है। सीमा विस्तार के विरोध में 36 ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को ज्ञापन दिया है। कार्रवाई न रुकी तो आंदोलन होगा। - शिवमोहन सिंह, चेयरमैन, जिला सहकारी फेडरेशन एवं जिला पंचायत सदस्य पति
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