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"इनकी प्यास बड़ी नहीं" मजबूरी है, लंबी कतारें बयां करती हैं इनका दर्द
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 11 Mar 2018 08:40 AM IST
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यूपी के हमीरपुर जिले में एक गांव का रात का मंजर देखकर शायद आपको लगे ये मेला है पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं। गांव की महिलाएं और पुरुष शाम ढलते ही कुओं से पानी भरने के काम में जुट जाते हैं। पढ़े पूरी रिपोर्ट...
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जिले के नायकपुरवा, इचौली, रतवा, गुसियारी व मौदहा क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में इन दिनों पेयजल के लिए जबरदस्त संकट है। इन गांवों के लिए साढ़े तीन दशक पहले बनाई गई खंडेह ग्राम समूह पेयजल योजना फेल हो जाने से एक लाख की आबादी केन नदी और कुओं से प्यास बुझाने को मजबूर है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इचौली, खंडेह, गुसियारी में पेयजल के लिए बनाई गई। पानी की टंकिया अब जर्जर होकर ढहने के मुहाने पर हैं। क्षेत्र के रतवा, फत्तेपुरवा कपसा, गुसियारी व इचौली में डाली गई पाइपलाइनें भी ध्वस्त पड़ी हैं। ग्राम प्रधान के मुताबिक इचौली और नायकपुरवा में पानी के संकट से पूरा गांव जूझ रहा है। एकल पेयजल योजना भी फेल हो गई है।
गांव की महिलाएं व पुरुष कुओं से प्यास बुझाने को मजबूर है। क्षेत्र में 70 फीट गहरे कुओं का पानी लेने के लिए सुबह से लेकर देर रात तक लोगों की लंबी लाइनें लगती है।
गांव की महिलाएं व पुरुष कुओं से प्यास बुझाने को मजबूर है। क्षेत्र में 70 फीट गहरे कुओं का पानी लेने के लिए सुबह से लेकर देर रात तक लोगों की लंबी लाइनें लगती है।