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Lok Sabha Result: बुंदेलखंड में कमल को रौंदकर दौड़ी साइकिल, गठबंधन ने रोकी भाजपा की हैट्रिक
Tue, 04 Jun 2024 08:44 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 04 Jun 2024 08:44 PM IST
सार
lok sabha result 2024: बुंदेलखंड की बांदा-चित्रकूट, हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी और जालौन-गरौंठा-भोगनीपुर संसदीय सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। सीटें दोहराना भी भाजपा को महंगा पड़ गया।
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लोकसभा चुनाव की मतगणना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुंदेलखंड में चुनाव के चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। किसी ने भी नहीं सोचा था कि बांदा-चित्रकूट, हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी और जालौन-गरौंठा-भोगनीपुर संसदीय सीट पर कमल इस तरह मुरझाएगा। गठबंधन ने भाजपा के 10 वर्ष पुराने किले को ढहाकर एक्सप्रेसवे पर साइकिल को जो रफ्तार दी, वह वाकई मतदाताओं की नाराजगी को दर्शाती है।
बांदा-चित्रकूट सीट पर जहां भाजपा हैट्रिक पर थी तो वहीं बाकी की दोनों सीटों पर उसके प्रत्याशियों की हैट्रिक रोककर गठबंधन ने एक बार फिर से बुंदेलखंड को अपना गढ़ बना लिया है। सबसे पहले बात करे बांदा-चित्रकूट सीट से तो यहां भाजपा से 2014 में भैरो प्रसाद चुनाव जीते थे। इसके बाद 2019 में बसपा से आए आरके सिंह पटेल को टिकट दिया तो उन्होंने भी सपा के श्यामाचरण को हराकर सीट पर कमल खिलाया था। इस बार यहां पार्टी हैट्रिक पर थी, लेकिन गठबंधन से सपा की उम्मीदवार व पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने उन्हें 71055 वोट से हरा दिया।
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बांदा-चित्रकूट सीट पर जहां भाजपा हैट्रिक पर थी तो वहीं बाकी की दोनों सीटों पर उसके प्रत्याशियों की हैट्रिक रोककर गठबंधन ने एक बार फिर से बुंदेलखंड को अपना गढ़ बना लिया है। सबसे पहले बात करे बांदा-चित्रकूट सीट से तो यहां भाजपा से 2014 में भैरो प्रसाद चुनाव जीते थे। इसके बाद 2019 में बसपा से आए आरके सिंह पटेल को टिकट दिया तो उन्होंने भी सपा के श्यामाचरण को हराकर सीट पर कमल खिलाया था। इस बार यहां पार्टी हैट्रिक पर थी, लेकिन गठबंधन से सपा की उम्मीदवार व पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने उन्हें 71055 वोट से हरा दिया।
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इसी तरह हमीरपुर-महोबा सीट से भाजपा के प्रत्याशी पुष्पेंद्र सिंह चंदेल भी 2014 व 2019 का चुनाव जीतकर हैट्रिक पर थे, यहां भी उन्हें गठबंधन से सपा प्रत्याशी अजेंद्र सिंह ने 2630 मतों से हार का स्वाद चखाया। इसी तरह जालौन सीट पर केंद्रीय मंत्री भानुप्रताप की हैट्रिक के साथ ही प्रतिष्ठा भी दांव पर थी। मतदाताओं की नाराजगी ने उनकी प्रतिष्ठा को भी तार-तार कर दिया और गठबंधन से सपा के नारायण दास अहिरवार ने उन्हें 53898 वोटों से शिकस्त दी।
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भाजपा में इस बार टिकट वितरण को लेकर विरोध दिखा तो नहीं, लेकिन अंदरखाने में कहीं न कहीं ज्वालामुखी का रूप लेता रहा और चार जून फटकर सबके सामने भी आया। तीनों ही सीटों में से किसी एक में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। भाजपा प्रत्याशी भी मोदी की गारंटी के सहारे अंंतिम क्षणों तक जनता का दुख दर्द जानने के बजाय रोड शो तक ही सीमित रहे। वहीं गठबंधन के दिग्गज नेता चाहे वे अखिलेश हो या राहुल गांधी सभी मुद्दों की नब्ज टटोली और उन्हें ही उठाकर प्रत्याशियों के लिए विजय पथ तैयार किया।