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करसा व बिलसरायां आश्रय स्थल में रोज जाएंगे पशुधन अधिकारी

Fri, 28 May 2021 01:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 May 2021 01:21 AM IST
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Livestock officers will go daily to Karsa and Bilsarai shelter
कानपुर देहात। गोवंश आश्रय स्थलों की दुर्दशा उजागर होने के बाद अधिकारी हरकत में आए हैं। सरवनखेड़ा के करसा व बिलसरायां आश्रय स्थल में कई गायों की मौत के बाद वहां नियमित रुप से पशुधन प्रसार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वह अपनी देखरेख में गायों को मिनरल मिक्चर व चोकर खिलाएंगे।
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सरवनखेड़ा के करसा और बिलसरायां आश्रय स्थल में बुधवार को एक-एक गाय की मौत हो गई थी। करसा में 15 दिन में सात गायों की मौत हो चुकी है। साथ ही बिलसरायां में भी गायों की दुर्दशा है। रसूलाबाद के पालनगर भैसायां में बुधवार को दो गायों की मौत हो गई थी। अमर उजाला में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया।
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इस पर सीडीओ सौम्या पांडेय ने कड़ी नाराजगी जता व्यवस्था सुधारने के निर्देश संबंधित अफसरों को दिए। गुरुवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीएन लवानियां ने सभी आश्रय स्थलों में पशु चिकित्सकों की टीम भेजी। बिलसरायां व करसा में डॉ. तेजेंद्र ने पहुंच कर बीमार गोवंश की जांच की। साथ ही चारा पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कहा।
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करसा व बिलसरायां में डॉ. तेजेंद्र ने पशुधन प्रसार अधिकारियों के साथ मिलकर अपने सामने गायों को मिनरल मिक्चर व चोकर मिलाकर चारा दिलवाया। साथ ही नांद में साफ पानी भरवाया। डॉ. डीएन लवानियां ने बताया कि करसा व बिलसरायां में स्थिति अधिक खराब होने पर वहां नियमित रुप से दो पशुधन प्रसार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वह रोज जाकर अपने सामने गायों को मिनरल मिक्चर व चोकर मिलाकर चारा दिलाएंगे।
बिजली काटने से आश्रय स्थल में पानी का संकट
राजपुर। ब्लॉक के बुधेड़ाडेरा स्थित गोवंश आश्रय स्थल में गायों के लिए पानी का संकट हो गया है। यहां पास के एक नलकूप से बिजली का तार जोड़कर सबमर्सिबल चलाया रहा था। किसान ने बिल अधिक आने पर बिजली काट दी। इससे सबमर्सिबल ठप हो गया। गुरुवार को वहां नगर पंचायत के टैंकर में पानी भेजा गया। बुधेड़ाडेरा गांव में दो वर्ष पहले छुट्टा गोवंश के लिए आश्रय स्थल बनाया गया था। गायों के पानी की व्यवस्था के लिए बोरिंग कराकर सबमर्सिबल डाल दिया गया।
उसे चलाने के लिए पास के एक किसान के नलकूप से तार जोड़ा गया था। किसान ने सहयोग में दो वर्ष बिजली दी। बिल अधिक आने पर किसान ने चार दिन पहले बिजली देने से मना कर दिया। इससे आश्रय स्थल का सबमर्सिबल ठप हो गया। इस समय आश्रय स्थल पर तीन बछड़ों समेत 35 गोवंश हैं। भीषण गर्मी में गोवंश के लिए पेयजल संकट हो गया। साथ ही रात में अंधेरे की समस्या हो गई।

ग्राम पंचायत अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि लेखपाल बसंत लाल के सहयोग से सिकंदरा नगर पंचायत से टैंकर मंगाकर गायों के पानी की व्यवस्था की जा रही है। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। साथ ही एसडीओ को पत्र लिखकर अस्थाई विद्युत कनेक्शन की मांग की गई है।
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