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रोशनी से पता चलेंगी कान की बीमारियां: IIT ने एम्स पटना के साथ मिलकर बनाया प्रोटोटाइप, जल्द उपयोग के लिए होगा उपलब्ध

Wed, 13 Jul 2022 10:52 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 13 Jul 2022 10:52 AM IST
सार

कानपुर आईआईटी अब रोशनी से कान की बीमारियां पता लगाएगी। दरअसल, आईआईटी के प्रोफेसर ने एम्स पटना के डॉक्टरों के साथ मिलकर प्रोटोटाइप डिवाइस बनाया है। इसमें रोशनी कानपुर के अंदर जाती है और बीमारियों की रिपोर्ट बाहर आती है। इस रिपोर्ट को प्रिंट भी किया जा सकता है।

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Light will detect ear diseases, Kanpur IIT in collaboration with AIIMS Patna will make a prototype, will be available for use soon
कानपुर आईआईटी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अब कान की बीमारियों को पता लगाने के लिए किसी उपकरण को कान में नहीं डालना पड़ेगा। आईआईटी के प्रोफेसर ने एम्स पटना के डॉक्टरों के साथ मिलकर प्रोटोटाइप बनाया है। इस प्रोटोटाइप से निकलने वाली रोशनी कान में जाएगी और बीमारियों की सारी जानकारी डिवाइस में स्टोर की गई मेमोरी में आ जाएगी। इसका प्रिंटआउट निकाला जा सकेगा।  अक्सर बच्चों से लेकर बड़ों में कान बहने, फंगस, सूजन सहित अन्य बीमारियां होती हैं। 

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इनका पता लगाने के लिए उपकरणों को कान में डालना पड़ता है, इससे काफी दर्द होता है। इस समस्या को दूर करने के लिए आईआईटी के केमिकल इंजीनियरिंग के प्रो. जयंत कुमार सिंह और उनकी टीम थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर, थर्मल गन, ब्लड प्रेशर मॉनीटर की तरह कान की डिवाइस तैयार की रही है। आईआईटी की टीम व एम्स के डॉक्टरों ने अब तक पांच हजार से अधिक मरीजों की कान की बीमारियों संबंधित रिपोर्ट तैयार की है।

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इनमें प्रमुख बीमारियों की जांच करने की सुविधा डिवाइस में दी जाएगी। डिवाइस आर्टिफिशल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग पर आधारित है। प्रो. जयंत कुमार सिंह ने बताया कि डिवाइस से ग्रामीण क्षेत्रों में कान के मरीजों की जांच करना आसान हो जाएगी। आशा वर्कर और एएनएम घर-घर जाकर परीक्षण कर सकेंगी। यह डिवाइस जल्द ही उपयोग के लिए उपलब्ध होगा।

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