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लोगों की जान बचाना है इनका शौक, तभी तो ये कहलाते 'जान के रखवाले'
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 06 Dec 2018 04:31 PM IST
सार
- अब तक 19 लोगों की जान बचा चुके हैं पीआरडी जवान अशोक कुमार
- किसी भी हादसे की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचते हैं
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डेमो पिक
विस्तार
लोगों की जान बचाना इनका शौक है। किसी भी हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच जाते हैं और किसी की जान बचाने में पूरी ताकत से लग जाते हैं। हम बात कर रहे कानपुर शिवराजपुर के भैसऊ ब्लॉक निवासी पीआरडी (प्रांतीय रक्षा दल) के जवान अशोक कुमार की। अशोक अब तक 19 लोगों की जान बचा चुके हैं।
48 साल के अशोक कुमार बताते हैं कि उन्होंने 13 साल की उम्र में पहली बार गंगा में डूबते एक बच्चे की जान बचाई थी। ऐसा करने के बाद बड़ी खुशी मिली थी। तभी से उन्होंने ठान लिया था कि वे लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। 2013 में किदवई नगर स्थित एक घर में गैस सिलिंडर से आग लगने से पांच लोग फंस गए थे। इन लोगों को अशोक ने सुरक्षित बाहर निकाला था।
अशोक बताते हैं कि जब भी उन्हें किसी सड़क दुर्घटना या किसी हादसे की सूचना मिलती है तो वे बगैर देरी करे मौके पर पहुंच जाते हैं। सबसे पहले कोशिश होती है कि घायल को अस्पताल पहुंचाया जाए। 19 लोगों की जान बचाने वाले अशोक को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख रुपये का इनाम भी मिल चुका है। वीरता एवं सहासिक कार्यों के लिए राष्ट्रपति पदक के लिए अशोक के नाम की संस्तुति शासन को भेजी जा चुकी है। अशोक पशु पक्षियों की मदद करने में भी बहुत आगे रहते हैं। नालों और कुओं में गिरने वाली गायों और अन्य जानवरों को भी कई बार बचा चुके हैं।
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48 साल के अशोक कुमार बताते हैं कि उन्होंने 13 साल की उम्र में पहली बार गंगा में डूबते एक बच्चे की जान बचाई थी। ऐसा करने के बाद बड़ी खुशी मिली थी। तभी से उन्होंने ठान लिया था कि वे लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। 2013 में किदवई नगर स्थित एक घर में गैस सिलिंडर से आग लगने से पांच लोग फंस गए थे। इन लोगों को अशोक ने सुरक्षित बाहर निकाला था।
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अशोक बताते हैं कि जब भी उन्हें किसी सड़क दुर्घटना या किसी हादसे की सूचना मिलती है तो वे बगैर देरी करे मौके पर पहुंच जाते हैं। सबसे पहले कोशिश होती है कि घायल को अस्पताल पहुंचाया जाए। 19 लोगों की जान बचाने वाले अशोक को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख रुपये का इनाम भी मिल चुका है। वीरता एवं सहासिक कार्यों के लिए राष्ट्रपति पदक के लिए अशोक के नाम की संस्तुति शासन को भेजी जा चुकी है। अशोक पशु पक्षियों की मदद करने में भी बहुत आगे रहते हैं। नालों और कुओं में गिरने वाली गायों और अन्य जानवरों को भी कई बार बचा चुके हैं।
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