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बेटे की हत्या में पिता को उम्रकैद, पत्नी ने दी पति के खिलाफ गवाही
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 10 Oct 2018 10:17 PM IST
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में कोर्ट नंबर छह के अपर जिला जज की अदालत ने बेटे की हत्या में दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 55 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड का भुगतान न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है।
मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अदमापुर गांव का है। होली के दिन 26 मार्च 2013 को गांव के पवन सिंह ने अपने पिता राम सिंह उर्फ ऊदल को शराब और स्मैक पीने से मना किया था। इस पर दोनों में विवाद बढ़ गया और पिता राम सिंह ने लाइसेंसी बंदूक से बेटे पवन को गोली मार दी। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस पर मृतक के मामा बांदा के मरका निवासी रंग बहादुर सिंह ने थाने में अपने बहनोई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने 28 मार्च को अभियुक्त को नहर पुल जलाला के पास से गिरफ्तार किया था।अभियुक्त के पास से बंदूक और कारतूस भी बरामद हुआ था। कोर्ट नंबर छह के अपर जिला जज नवनीत गिरि ने मामले की सुनवाई की। इस पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव ने अभियुक्त के खिलाफ गवाह और सबूत पेश किए। मृतक की मां ने भी अपने पति के खिलाफ गवाही दी। कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अदमापुर गांव का है। होली के दिन 26 मार्च 2013 को गांव के पवन सिंह ने अपने पिता राम सिंह उर्फ ऊदल को शराब और स्मैक पीने से मना किया था। इस पर दोनों में विवाद बढ़ गया और पिता राम सिंह ने लाइसेंसी बंदूक से बेटे पवन को गोली मार दी। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस पर मृतक के मामा बांदा के मरका निवासी रंग बहादुर सिंह ने थाने में अपने बहनोई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने 28 मार्च को अभियुक्त को नहर पुल जलाला के पास से गिरफ्तार किया था।अभियुक्त के पास से बंदूक और कारतूस भी बरामद हुआ था। कोर्ट नंबर छह के अपर जिला जज नवनीत गिरि ने मामले की सुनवाई की। इस पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव ने अभियुक्त के खिलाफ गवाह और सबूत पेश किए। मृतक की मां ने भी अपने पति के खिलाफ गवाही दी। कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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