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उन्नाव एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस निलंबित, डीजीएम को भरोसा जांच के बाद लाइसेंस होगा बहाल
Fri, 20 Sep 2019 12:43 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 20 Sep 2019 12:43 AM IST
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उन्नाव में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग का मामला
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव के दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के गैस बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस पीईएसओ (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्गनाइजेशन) ने निलंबित कर दिया है। 24 जिलों के 320 डीलरों को एलपीजी गैस की आपूर्ति करने वाले इस प्लांट में आग लगने की घटना के बाद हुई जांच में अग्नि सुरक्षा में खामियां मिलने पर यह कार्रवाई हुई है।
हादसे के बाद एचपी की ओर से किए गए सुधारों और बढ़ाए गए सुरक्षा इंतजामों को जांचने के लिए पीईएसओ के अधिकारी सोमवार को फिर आएंगे। एचपी के डीजीएम को भरोसा है कि जांच के बाद लाइसेंस बहाल होगा और अगले सप्ताह से प्लांट फिर चालू हो जाएगा। 12 सितंबर को एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में एलपीजी गैस अनलोड करते समय एक गैस टैंकर का वॉल्व टूटने से गैस रिसाव के बाद आग लग गई थी।
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हादसे के बाद एचपी की ओर से किए गए सुधारों और बढ़ाए गए सुरक्षा इंतजामों को जांचने के लिए पीईएसओ के अधिकारी सोमवार को फिर आएंगे। एचपी के डीजीएम को भरोसा है कि जांच के बाद लाइसेंस बहाल होगा और अगले सप्ताह से प्लांट फिर चालू हो जाएगा। 12 सितंबर को एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में एलपीजी गैस अनलोड करते समय एक गैस टैंकर का वॉल्व टूटने से गैस रिसाव के बाद आग लग गई थी।
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उन्नाव में एचपी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग का मामला
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद से इसकी उच्चस्तरीय जांच हो रही है। दिल्ली, मुंबई और लखनऊ से आए ओआईएसडी (आयल इंडस्ट्रीज सेफ्टी डायरेक्ट्रेट) की टीम के अलावा खुफिया विभाग की टीमें साजिश के बिंदु पर भी जांच कर रही हैं। घटना की जांच के लिए पीईएसओ के नागपुर और आगरा के अधिकारियों ने भी जांच की थी। जांच में उन्होंने इमरजेंसी फायर सेफ्टी सिस्टम में कुछ खामियां और कुछ स्थानों पर हो रही व्यवहारिक लापरवाही पाई थी।
हादसे के बाद कई बिंदुओं पर सुधार के निर्देश देते हुए पीईएसओ ने बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। एचपी के डीजीएम लखनऊ प्रणव कुमार सिन्हा ने गुरुवार को प्लांट में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने माना कि किसी भी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग लगने की यह पहली बड़ी घटना हुई है। बताया कि कई स्तर पर घटना की जांच हो रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट भी सामने आ जाएगी।
हादसे के बाद कई बिंदुओं पर सुधार के निर्देश देते हुए पीईएसओ ने बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। एचपी के डीजीएम लखनऊ प्रणव कुमार सिन्हा ने गुरुवार को प्लांट में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने माना कि किसी भी गैस बॉटलिंग प्लांट में आग लगने की यह पहली बड़ी घटना हुई है। बताया कि कई स्तर पर घटना की जांच हो रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट भी सामने आ जाएगी।
डीजीएम ने बताया कि आग लगने की घटना के बाद प्लांट में आई खराबियों को दुरुस्त करने का काम अंतिम चरण में है। पीईएसओ के अधिकारियों ने आटोमेटिक फायर सेफ्टी सिस्टम और प्लांट में प्रवेश और निकासी के बीच मिली कुछ व्यवहारिक खामियों को दूर करने के निर्देश दिए थे। उनमें सुधार कर लिया गया है।
बताया कि कोई भी इस तरह की घटना होने पर पीईएसओ सुधार होने तक संबंधित फैक्टरी या प्लांट का लाइसेंस निलंबित कर देता है। सोमवार को पीईएसओ की टीम दोबारा निरीक्षण करेगी। उनकी रिपोर्ट पर चीफ कंट्रोलर से प्लांट को दोबारा चालू करने की अनुमति मिल जाएगी।
बताया कि कोई भी इस तरह की घटना होने पर पीईएसओ सुधार होने तक संबंधित फैक्टरी या प्लांट का लाइसेंस निलंबित कर देता है। सोमवार को पीईएसओ की टीम दोबारा निरीक्षण करेगी। उनकी रिपोर्ट पर चीफ कंट्रोलर से प्लांट को दोबारा चालू करने की अनुमति मिल जाएगी।
एकजुट प्रयासों से बहुत बड़ा हादसा होते बचा
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत के दौैरान माना कि 12 सितंबर को हुई घटना छोटी घटना नहीं थी। गनीमत रही कि जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और प्लांट की फायर टीम ने आपस में बेहतरीन तालमेल बनाकर सुनियोजित तरीके से आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि लखनऊ-कानपुर हाईवे और रेल मार्ग का आवागमन रोकना भी एहतियातन उठाया गया कदम था।
क्योंकि जिस टैंकर में आग लगी थी उसमें 17 टन एलपीजी गैस थी। लपटें ऊंची उठ रहीं थीं और रेलवे की लाइन ओएचई लाइन प्लांट से काफी नजदीक है। प्लांट मैनेजर ने डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, एसपी एमपी वर्मा और अग्निशमन अधिकारी शिवदरश प्रसाद के कुशल मार्ग निर्देशन में बहुत बड़ा हादसा होने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत के दौैरान माना कि 12 सितंबर को हुई घटना छोटी घटना नहीं थी। गनीमत रही कि जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग और प्लांट की फायर टीम ने आपस में बेहतरीन तालमेल बनाकर सुनियोजित तरीके से आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि लखनऊ-कानपुर हाईवे और रेल मार्ग का आवागमन रोकना भी एहतियातन उठाया गया कदम था।
क्योंकि जिस टैंकर में आग लगी थी उसमें 17 टन एलपीजी गैस थी। लपटें ऊंची उठ रहीं थीं और रेलवे की लाइन ओएचई लाइन प्लांट से काफी नजदीक है। प्लांट मैनेजर ने डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, एसपी एमपी वर्मा और अग्निशमन अधिकारी शिवदरश प्रसाद के कुशल मार्ग निर्देशन में बहुत बड़ा हादसा होने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया।