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परिषदीय स्कूलों की लाइब्रेरी को मिलीं 5.90 लाख पुस्तकें
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कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों में पुस्तकालय के लिए 5.90 साथ किताबें जिले में आ गई हैं। इन्हें स्कूलों में भेजने की कवायद शुरू हो गई है। 156 तरह की किताबें सामान्य ज्ञान से संबंधित हैं।
जिले में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक मिलाकर 1933 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में पिछले वर्ष पुस्तकालय की स्थापना हो चुकी है, तब पांच हजार रुपये की किताबें खरीदी गई थीं। अब एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजूकेशनल रिसर्च ट्रेनिंग) की 156 तरह की सामान्य ज्ञान से संबंधित पुस्तकें बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के लिए शासन की तरफ से भेजी गई हैं।
पिछले सप्ताह जिले में पुस्तकों की खेप आ गई है। इन्हें अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रखवाया गया है। अब ब्लाक वार विद्यालयों की सूची बनाकर बीआरसी में भेजने की तैयारी चल रही है। वहां से किताबों को स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। इन पुस्तकों में महान पुरुषों की जीवनी, विज्ञान से संबंधित जानकारी, भूगोल व इतिहास की किताबें शामिल हैं। विभाग का मानना है कि बच्चों को विभिन्न तरह की जानकारी देने के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम से हटकर किताबें होनी चाहिए। इसके लिए विद्यालयों के पुस्तकालय में चुनिंदा पुस्तकें दी गई हैं।
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जिले में एनसीईआरटी की 5.90 लाख किताबें आ गई हैं। एक सप्ताह के अंदर विद्यालयों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद विद्यालयों का निरीक्षण कर पुस्तकों की उपलब्धता जांची जाएगी। बच्चों को नियमित रूप से यह पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी।
- सुनील दत्त, बीएसए
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जिले में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक मिलाकर 1933 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में पिछले वर्ष पुस्तकालय की स्थापना हो चुकी है, तब पांच हजार रुपये की किताबें खरीदी गई थीं। अब एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजूकेशनल रिसर्च ट्रेनिंग) की 156 तरह की सामान्य ज्ञान से संबंधित पुस्तकें बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के लिए शासन की तरफ से भेजी गई हैं।
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पिछले सप्ताह जिले में पुस्तकों की खेप आ गई है। इन्हें अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रखवाया गया है। अब ब्लाक वार विद्यालयों की सूची बनाकर बीआरसी में भेजने की तैयारी चल रही है। वहां से किताबों को स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। इन पुस्तकों में महान पुरुषों की जीवनी, विज्ञान से संबंधित जानकारी, भूगोल व इतिहास की किताबें शामिल हैं। विभाग का मानना है कि बच्चों को विभिन्न तरह की जानकारी देने के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम से हटकर किताबें होनी चाहिए। इसके लिए विद्यालयों के पुस्तकालय में चुनिंदा पुस्तकें दी गई हैं।
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जिले में एनसीईआरटी की 5.90 लाख किताबें आ गई हैं। एक सप्ताह के अंदर विद्यालयों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद विद्यालयों का निरीक्षण कर पुस्तकों की उपलब्धता जांची जाएगी। बच्चों को नियमित रूप से यह पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी।
- सुनील दत्त, बीएसए