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मुस्लिम इलाकों में कम वोटिंग से बढ़ी चिंता, जीत-हार का गणित लगा पाना हुआ मुश्किल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 25 Feb 2017 01:33 AM IST
सार
- बिगड़ गए हैं समीकरण और प्रत्याशियों के जीत के गणित
- टेंशन में बसपा, सपा और कांग्रेस प्रत्याशी
- कुछ बूथों पर 30 फीसदी से कम वोट पड़े
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विस्तार
यूपी विधानसभा चुनाव में मुस्लिम इलाकों में कम वोटिंग से राजनीतिक दल और प्रत्याशियों की धुकधुकी बढ़ गई है। सब बूथवार वोटों की समीक्षा में लगे हैं। जीत-हार का गणित भी लगा रहे हैं लेकिन मुस्लिम वोटरों का सही रुख नहीं भांप पा रहे। कम वोटिंग से बसपा, सपा और कांग्रेस की टेंशन ज्यादा बढ़ी है।
19 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव और वोटिंग के बूथवार आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटिंग का ट्रेंड बेहद खराब मिला है। सभी मतदाता घर से नहीं निकले और वोटिंग का आंकड़ा 50 फीसदी तक नहीं पहुंच सका। कानपुर कैंट विधानसभा क्षेत्र के छावनी परिषद बालिका जूनियर हाई स्कूल मीरपुर के आसपास फेथफुलगंज का क्षेत्र है। इसके बावजूद कक्ष संख्या-पांच में 27.14 फीसदी वोट पड़े हैं। कैंटोनमेंट बोर्ड ऑफिस टर्नर रोड कैंट के कक्ष संख्या चार में महज 28.98 फीसदी वोटिंग हुई है।
यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है। इसी तरह सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के रेलवे ऑडिटोरियम अनवरगंज के कक्ष संख्या-एक में 27.53 फीसदी और कक्ष संख्या-दो में 30.36 फीसदी वोट डाले गए हैं। यह आंकड़ा वर्ष 2012 से कम है। पिछली बार 53 फीसदी वोटिंग हुई थी। आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र के बेकनगंज में भी वोटिंग निराश करने वाली रही। मौलाना मोहम्मद अली इंटर कॉलेज के कक्ष संख्या-पांच में 33.33 फीसदी वोट डाले गए हैं।
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बासमंडी और उसके आसपास के लोग चुंगी कार्यालय मुख्य भवन कोपरगंज में वोट डालते हैं। इस केंद्र के कक्ष संख्या-एक में 35.93 फीसदी वोट डाले जा सकते हैं। गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के रामलला इंटर कॉलेज रावतपुर के कक्ष संख्या आठ में 32.71 फीसदी वोटिंग हुई है। इस बूथ पर रोशन नगर के मतदाताओं को वोट डालना था। बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल तकीपुर के संख्या एक में 1.47 फीसदी और बिठूर विधनसभा क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल रसूलपुर उमरा के कक्ष संख्या एक में 44.7 फीसदी वोट डाले जा सके हैं।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी से कम वोटिंग हुई है। मुस्लिम वोटर सूची में अपना नाम नहीं देखते हैं। बहुत से लोग वोट डालने गए लेकिन नाम नहीं मिला। मतदाता सूची से पन्ने तक गायब मिले। आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र में करीब 70 हजार मुस्लिम वोटर हैं। 35-40 हजार ने ही वोट डाले हैं। मुस्लिम इलाकों में कम वोटिंग का फायदा निश्चित तौर भाजपा को मिलने की उम्मीद है।
हाजी अब्दुल हसीब, प्रत्याशी बसपा आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र
पॉश इलाके भी पिछड़े
कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र के उच्च वर्ग के वोटर भी घर से नहीं निकले। आईआईटी कानपुर के कम्युनिटी सेंटर में शिक्षक, स्टूडेंट और कर्मचारियों को वोट डालना था लेकिन कक्ष संख्या-1 में 29.64 फीसदी वोटिंग हो सकी। यह काफी कम है। अब जिला निर्वाचन कार्यालय कम वोटिंग की वजह तलाशने में लगा है। इसी विधानसभा क्षेत्र के महाराणा प्रताप एजूकेशन सेंटर सत्यम विहार के बूथ संख्या- 14 में 36.75 फीसदी और भगवती एजूकेशन सेंटर शारदा नगर के कक्ष संख्या एक में महज 37 फीसदी वोटिंग हो सकी है। ये पॉश इलाके माने जाते हैं।
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19 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव और वोटिंग के बूथवार आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में वोटिंग का ट्रेंड बेहद खराब मिला है। सभी मतदाता घर से नहीं निकले और वोटिंग का आंकड़ा 50 फीसदी तक नहीं पहुंच सका। कानपुर कैंट विधानसभा क्षेत्र के छावनी परिषद बालिका जूनियर हाई स्कूल मीरपुर के आसपास फेथफुलगंज का क्षेत्र है। इसके बावजूद कक्ष संख्या-पांच में 27.14 फीसदी वोट पड़े हैं। कैंटोनमेंट बोर्ड ऑफिस टर्नर रोड कैंट के कक्ष संख्या चार में महज 28.98 फीसदी वोटिंग हुई है।
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यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है। इसी तरह सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के रेलवे ऑडिटोरियम अनवरगंज के कक्ष संख्या-एक में 27.53 फीसदी और कक्ष संख्या-दो में 30.36 फीसदी वोट डाले गए हैं। यह आंकड़ा वर्ष 2012 से कम है। पिछली बार 53 फीसदी वोटिंग हुई थी। आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र के बेकनगंज में भी वोटिंग निराश करने वाली रही। मौलाना मोहम्मद अली इंटर कॉलेज के कक्ष संख्या-पांच में 33.33 फीसदी वोट डाले गए हैं।
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बासमंडी और उसके आसपास के लोग चुंगी कार्यालय मुख्य भवन कोपरगंज में वोट डालते हैं। इस केंद्र के कक्ष संख्या-एक में 35.93 फीसदी वोट डाले जा सकते हैं। गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के रामलला इंटर कॉलेज रावतपुर के कक्ष संख्या आठ में 32.71 फीसदी वोटिंग हुई है। इस बूथ पर रोशन नगर के मतदाताओं को वोट डालना था। बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल तकीपुर के संख्या एक में 1.47 फीसदी और बिठूर विधनसभा क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल रसूलपुर उमरा के कक्ष संख्या एक में 44.7 फीसदी वोट डाले जा सके हैं।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी से कम वोटिंग हुई है। मुस्लिम वोटर सूची में अपना नाम नहीं देखते हैं। बहुत से लोग वोट डालने गए लेकिन नाम नहीं मिला। मतदाता सूची से पन्ने तक गायब मिले। आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र में करीब 70 हजार मुस्लिम वोटर हैं। 35-40 हजार ने ही वोट डाले हैं। मुस्लिम इलाकों में कम वोटिंग का फायदा निश्चित तौर भाजपा को मिलने की उम्मीद है।
हाजी अब्दुल हसीब, प्रत्याशी बसपा आर्य नगर विधानसभा क्षेत्र
पॉश इलाके भी पिछड़े
कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र के उच्च वर्ग के वोटर भी घर से नहीं निकले। आईआईटी कानपुर के कम्युनिटी सेंटर में शिक्षक, स्टूडेंट और कर्मचारियों को वोट डालना था लेकिन कक्ष संख्या-1 में 29.64 फीसदी वोटिंग हो सकी। यह काफी कम है। अब जिला निर्वाचन कार्यालय कम वोटिंग की वजह तलाशने में लगा है। इसी विधानसभा क्षेत्र के महाराणा प्रताप एजूकेशन सेंटर सत्यम विहार के बूथ संख्या- 14 में 36.75 फीसदी और भगवती एजूकेशन सेंटर शारदा नगर के कक्ष संख्या एक में महज 37 फीसदी वोटिंग हो सकी है। ये पॉश इलाके माने जाते हैं।