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क्लीनर टेक्नोलॉजी से चमकेगा चमड़ा कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:32 AM IST
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फैक्टरी
- फोटो : ANI
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कानपुर। प्रदूषण के चलते बंदी की आशंकाओं से घिरी टेनरियों के दिन बहुरने वाले हैं। शहर की हर टेनरी और चमड़ा उत्पादन केंद्रों पर क्लीनर टेक्नोलॉजी पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। खुद चमड़ा कारोबारी इसके लिए जागरूक हुए हैं।
केंद्र सरकार की मदद से युनाइडेट नेशन की एक टीम यहां लगातार काम कर रही है। अब तो नीदरलैंड के सॉलिडएरिडॉड ग्रुप ने स्वेच्छा से यहां की टेनरियों के लिए काम करना पसंद किया है। इन दोनों टीमों के कामकाज और टेनरियों में लागू की गई व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग के लिए शहर के चमड़ा कारोबारियों ने एक क्लीनर टेक्नोलॉजी कोर कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी कानपुर और उन्नाव स्थित लेदर क्लस्टर में दोनों एजेंसियों की ओर से हो रहे कामों की हकीकत परखेगी। टेनरी मालिकों, कर्मचारियों, चमड़ा कारोबारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जानेगी। इसी तरह दोनों एजेंसियों को अपने फार्मूले लागू करने में हो रही दिक्कतों से रूबरू होगी। यह कमेटी कानपुर में लेदर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में समन्वय का काम करेगी।
ये है क्लीनर टेक्नोलॉजी ः लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में तमाम तरह की क्लीनर टेक्नोलॉजी अपनाई जा रही हैं। मसलन साल्ट प्रिजर्वेशन टेक्नीक चमड़े की साफ सफाई में लगने वाले नमक की मात्रा कम करने का काम करती है। हेयर सेव अनहियरिंग तकनीक में ऐसी मशीन का इस्तेमाल किया जाता है जो चमड़े की सफाई के दौरान बालों को गुच्छे के रूप में निकालती है। इससे जानवरों के बालों को खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी तरह वाटर मीजरमेंट एंड मिक्सिंग, सोलर वॉटर हीटिंग, सोलर असिस्टेड हॉट एयर जनरेशन तकनीक टेनरियों में लागू की जा रही हैं।
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मीटिंग में तक नीक अपनाने पर दिया जोर
क्लीनर टेक्नोलॉजी कोर कमेटी गठित होने के बाद बुधवार को सीएलई काम्प्लेक्स जाजमऊ में कमेटी की पहली बैठक हुई। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और टेनरियों की साफ सफाई के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाई। चेयरमैन ओपी जालान ने कहाकि ये ऐसा वक्त है जब पर्यावरण और उद्योग बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। कन्वीनर ओपी पांडेय ने कहाकि लेदर वर्किंग ग्रुप (एलडब्ल्यूजी) के मानकों पर खरा उतरने के लिए टेनरियों की साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान देना है। शहर की करीब 10 कंपनियां सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यूनिडो के नेशनल प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर एम. विश्वनाथन ने क्लीनर टेक्नोलॉजी का प्रोजेक्टर पर प्रस्तुतिकरण किया।
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केंद्र सरकार की मदद से युनाइडेट नेशन की एक टीम यहां लगातार काम कर रही है। अब तो नीदरलैंड के सॉलिडएरिडॉड ग्रुप ने स्वेच्छा से यहां की टेनरियों के लिए काम करना पसंद किया है। इन दोनों टीमों के कामकाज और टेनरियों में लागू की गई व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग के लिए शहर के चमड़ा कारोबारियों ने एक क्लीनर टेक्नोलॉजी कोर कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी कानपुर और उन्नाव स्थित लेदर क्लस्टर में दोनों एजेंसियों की ओर से हो रहे कामों की हकीकत परखेगी। टेनरी मालिकों, कर्मचारियों, चमड़ा कारोबारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जानेगी। इसी तरह दोनों एजेंसियों को अपने फार्मूले लागू करने में हो रही दिक्कतों से रूबरू होगी। यह कमेटी कानपुर में लेदर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में समन्वय का काम करेगी।
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ये है क्लीनर टेक्नोलॉजी ः लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में तमाम तरह की क्लीनर टेक्नोलॉजी अपनाई जा रही हैं। मसलन साल्ट प्रिजर्वेशन टेक्नीक चमड़े की साफ सफाई में लगने वाले नमक की मात्रा कम करने का काम करती है। हेयर सेव अनहियरिंग तकनीक में ऐसी मशीन का इस्तेमाल किया जाता है जो चमड़े की सफाई के दौरान बालों को गुच्छे के रूप में निकालती है। इससे जानवरों के बालों को खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी तरह वाटर मीजरमेंट एंड मिक्सिंग, सोलर वॉटर हीटिंग, सोलर असिस्टेड हॉट एयर जनरेशन तकनीक टेनरियों में लागू की जा रही हैं।
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मीटिंग में तक नीक अपनाने पर दिया जोर
क्लीनर टेक्नोलॉजी कोर कमेटी गठित होने के बाद बुधवार को सीएलई काम्प्लेक्स जाजमऊ में कमेटी की पहली बैठक हुई। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और टेनरियों की साफ सफाई के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाई। चेयरमैन ओपी जालान ने कहाकि ये ऐसा वक्त है जब पर्यावरण और उद्योग बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। कन्वीनर ओपी पांडेय ने कहाकि लेदर वर्किंग ग्रुप (एलडब्ल्यूजी) के मानकों पर खरा उतरने के लिए टेनरियों की साफ सफाई पर ज्यादा ध्यान देना है। शहर की करीब 10 कंपनियां सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यूनिडो के नेशनल प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर एम. विश्वनाथन ने क्लीनर टेक्नोलॉजी का प्रोजेक्टर पर प्रस्तुतिकरण किया।