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फतेहपुर: भू-विसर्जन कर दी मां को विदाई, जमकर उड़ा गुलाल, सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध
Sat, 16 Oct 2021 09:41 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 16 Oct 2021 09:41 PM IST
सार
फतेहपुर में कई दुर्गा पंडालों के अलावा विभिन्न स्थानों पर स्थापित रहीं मां दुर्गा की प्रतिमाओं का गंगा व यमुना किनारे भू-विसर्जन हुआ। इस दौरान आध्यात्मिक और आत्मिक आभा देखते बनी। देवी भक्तों ने भिटौरा के ओमघाट, बलखंडी घाट के समीप मातारानी की प्रतिमा का भूमि विसर्जन कर विदाई ली।
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भिटौरा गंगा घाट पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का भूमि विसर्जन करते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शारदीय नवरात्र पर आस्था और भक्ति का प्रतीक बनी रही मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन विजयादशमी से शुरू हो गया। गाजे-बाजे के साथ अबीर-गुलाल उडा़ते हुए विभिन्न पंडालों से मूर्तियां लेकर चले देवी भक्तों ने माता रानी के जयघोष के साथ गंगा व यमुना किनारे भू-विसर्जन किया।
प्रेम, करुणा और आस्था के संगम में मूर्ति विसर्जन का सिलसिला दशमी तिथि लगते ही शुरू हो गया। जिस वैभव के साथ मातारानी का नवरात्र में आगाज हुआ, बिल्कुल वैसी ही आभा के साथ देवी मां पंडालों से विदा होने लगीं। देवी गीतों की धुन में भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमते गाते हुए पंडालों से लेकर गंगा व यमुना घाटों तक पहुंचे।
शहर के कई दुर्गा पंडालों के अलावा विभिन्न स्थानों पर स्थापित रहीं मां दुर्गा की प्रतिमाओं का गंगा व यमुना किनारे भू-विसर्जन हुआ। इस दौरान आध्यात्मिक और आत्मिक आभा देखते बनी। देवी भक्तों ने भिटौरा के ओमघाट, बलखंडी घाट के समीप मातारानी की प्रतिमा का भूमि विसर्जन कर विदाई ली।
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प्रेम, करुणा और आस्था के संगम में मूर्ति विसर्जन का सिलसिला दशमी तिथि लगते ही शुरू हो गया। जिस वैभव के साथ मातारानी का नवरात्र में आगाज हुआ, बिल्कुल वैसी ही आभा के साथ देवी मां पंडालों से विदा होने लगीं। देवी गीतों की धुन में भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूमते गाते हुए पंडालों से लेकर गंगा व यमुना घाटों तक पहुंचे।
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शहर के कई दुर्गा पंडालों के अलावा विभिन्न स्थानों पर स्थापित रहीं मां दुर्गा की प्रतिमाओं का गंगा व यमुना किनारे भू-विसर्जन हुआ। इस दौरान आध्यात्मिक और आत्मिक आभा देखते बनी। देवी भक्तों ने भिटौरा के ओमघाट, बलखंडी घाट के समीप मातारानी की प्रतिमा का भूमि विसर्जन कर विदाई ली।
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भिटौरा, छिवलहा क्षेत्र में 113 प्रतिमाओं का भू-विसर्जन
भिटौरा क्षेत्र के चार गंगा घाटों में पहले दिन 133 दुर्गा प्रतिमाओं का भू-विर्सजन किया गया। सबसे ज्यादा विसर्जन भिटौरा में हुआ। यहां पर 75 दुर्गा प्रतिमा भू-विर्सजन के लिए लाई गईं। इसी प्रकार से असनी घाट में 15, रामचंद्रन घाट में 10. नरौली घाट में 33 प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। गंगा नदी के कोतला घाट में जेसीबी मशीन लगा करके 50 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। विभिन्न स्थानों से आईं देवी प्रतिमाओं को लेकर भक्तों का उत्साह हिलोरे मारता रहा। हर उम्र के लोग मां दुर्गे को विदाई देने के लिए आगे आए।
भिटौरा क्षेत्र के चार गंगा घाटों में पहले दिन 133 दुर्गा प्रतिमाओं का भू-विर्सजन किया गया। सबसे ज्यादा विसर्जन भिटौरा में हुआ। यहां पर 75 दुर्गा प्रतिमा भू-विर्सजन के लिए लाई गईं। इसी प्रकार से असनी घाट में 15, रामचंद्रन घाट में 10. नरौली घाट में 33 प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। गंगा नदी के कोतला घाट में जेसीबी मशीन लगा करके 50 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। विभिन्न स्थानों से आईं देवी प्रतिमाओं को लेकर भक्तों का उत्साह हिलोरे मारता रहा। हर उम्र के लोग मां दुर्गे को विदाई देने के लिए आगे आए।
यमुना घाट में 107 मूर्तियों का हुआ भू-विसर्जन
ललौली क्षेत्र के यमुना घाटों में 107 मां दुर्गा की मूर्तियों का भू-विसर्जन हुआ। दतौली यमुना घाट में 75 मूर्तियों का भू-विसर्जन हुआ, जिसमें शुक्रवार को 10 और शनिवार को 65 मां दुर्गा की मूर्ति को वाहनों से लेकर श्रद्धालु घाट पर पहुंचे। वहीं कोर्रा कनक में यमुना किनारे 12, अढ़ावल यमुना घाट पर 20 प्रतिमाओं का भूमि विसर्जन किया गया। यमुना किनारे मां शेरावाली का भू-विसर्जन किया। श्रद्धालुओं ने मां शेरा वाली के जयकारे लगाए।
गंगा घाटों पर रहे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रतिमाओं के भू-विसर्जन के मौके पर पुलिस व प्रशासन मुस्तैद रहा। गंगा व यमुना नदी के चिह्नित घाटों में होने वाले देवी प्रतिमाओं के विसर्जन में सुरक्षा को लेकर व्यापक चौकसी बरती गईं। विसर्जन के पहले दिन प्रशासन के जवाबदेह बराबर नदी के घाटों की टोह लेता रहा। पुलिस के जवान उन रास्तों पर ज्यादा दिखाई दिए, जिनमे ज्यादा भीड़भाड़ रहती है।
ललौली क्षेत्र के यमुना घाटों में 107 मां दुर्गा की मूर्तियों का भू-विसर्जन हुआ। दतौली यमुना घाट में 75 मूर्तियों का भू-विसर्जन हुआ, जिसमें शुक्रवार को 10 और शनिवार को 65 मां दुर्गा की मूर्ति को वाहनों से लेकर श्रद्धालु घाट पर पहुंचे। वहीं कोर्रा कनक में यमुना किनारे 12, अढ़ावल यमुना घाट पर 20 प्रतिमाओं का भूमि विसर्जन किया गया। यमुना किनारे मां शेरावाली का भू-विसर्जन किया। श्रद्धालुओं ने मां शेरा वाली के जयकारे लगाए।
गंगा घाटों पर रहे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रतिमाओं के भू-विसर्जन के मौके पर पुलिस व प्रशासन मुस्तैद रहा। गंगा व यमुना नदी के चिह्नित घाटों में होने वाले देवी प्रतिमाओं के विसर्जन में सुरक्षा को लेकर व्यापक चौकसी बरती गईं। विसर्जन के पहले दिन प्रशासन के जवाबदेह बराबर नदी के घाटों की टोह लेता रहा। पुलिस के जवान उन रास्तों पर ज्यादा दिखाई दिए, जिनमे ज्यादा भीड़भाड़ रहती है।