आखिर क्यों डिप्रेशन में आ गई लेडी डॉ. मंजूलिका?, सबको चौंका रहा ‘मौत का कारण’
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मेडिकल कालेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अशर्फी त्रिपाठी की शनिवार को कल्याणपुर के मकड़ी खेड़ा स्थित कान्हा श्याम अपार्टमेंट की छठवीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। मामले की जांच अभी चल रही है। सोमवार की सुबह रेलबाजार के शांति नगर निवासी डॉ. मंजूलिका गर्ग ने भी खुदकुशी कर ली। अविवाहित डॉ. मंजूलिका अपनी अविवाहित बहन डॉ. सरोजनी अग्रवाल, डॉ. सुशीला अग्रवाल और भाई सुरेंद्र अग्रवाल के साथ एक ही मकान में रहती थीं। दूसरे भाई विनोद कुमार अग्रवाल परिवार के साथ डिफेंस कालोनी लालबंगला चकेरी में रहते हैं।
विनोद ने बताया कि डॉ. मंजूलिका पहले प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) की डॉक्टर थीं। इसके बाद उन्होंने ईएसआई में नौकरी ज्वाइन की थी। वर्ष 2015 में वह ईएसआई से रिटायर हुईं थीं। विनोद ने बताया कि मार्च की शुरुआत में डॉ. मंजूलिका ने अपनी आंखों को आपरेशन कराया था। आपरेशन के बाद दाहिनी आंख की रोशनी नहीं आई थी। बाईं आंख से भी अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रहा था। इसकी वजह से वह तनाव में रहती थीं। सुबह करीब 5:15 बजे उन्होंने अपने कमरे में खुद पर केरोसिन डालकर आग लगाकर जान दे दी।
भाई सुरेंद्र ने उन्हें घटना की सूचना दी। 6:10 बजे उन्होंने डायल 100 से जरिए पुलिस को पूरा वाकया बताया। घटना की सूचना पर रेलबाजार इंस्पेक्टर और फोरेंसिक टीम ने मौकेपर पहुंचकर छानबीन व परिजनों से पूछताछ की। इंस्पेक्टर सतीश कुमार का कहना है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और परिजनों से बातचती के बाद प्रथम दृष्टया मामला खुदकुशी का प्रतीत हो रहा है। फिर विस्तार से जांच की जा रही है।