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नमी की कमी ने गर्मी का चढ़ाया पारा
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 17 May 2016 12:43 AM IST
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नल से पानी पीता काौआ
- फोटो : amarujala
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कानपुर। अधिकतम और न्यूनतम पारे में कम अंतर होने और वातावरण में कम नमी की वजह से सोमवार को उमस भरी गर्मी पड़ी। जहां रात में उमस भरी गर्मी से लोग बिलबिला उठे, वहीं रात की कटौती ने लोगों को सोने नहीं दिया। फिर दिन का पारा भी चढ़ा, जिससे भीषण गर्मी महसूस की गई। बेचैनी ने पसीने छुड़ा दिए।
सोमवार को उत्तर-पश्चिम की गर्म हवाएं चलीं। इनकी स्पीड 3.1 किलो मीटर प्रति घंटा रिकार्ड की गई लेकिन तेज धूप ने राहत की सांस नहीं लेने दी। वातावरण में सुबह की नमी 44 फीसदी और दोपहर की नमी 16 फीसदी रिकार्ड की गई, जो सामान्य से काफी कम है। अधिकतम पारा फिर 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे पहले 16 मई 2010 को अधिकतम पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था।
न्यूनतम पारा 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। इस कारण भी उमस और बेचैनी बढ़ाने वाली गर्मी महसूस की गई है।
बिठूर और चकेरी में लू से मौत
कानपुर। बिठूर में सोमवार दोपहर लू लगने से कुरसौली बिठूर निवासी दिवारी लाल (51) की मौत हो गई। वहीं चकेरी के कृष्णा नगर गेट पर फुटपाथ पर देशी दवा बेचने वाले अधेड़ राजू (45) की सोमवार शाम मौत हो गई। लोगों ने बताया कि राजू की भरी दोपहर में तबीयत खराब हुई थी। शाम को उसकी सांसंे थम गई, आस पास के लोग उसे लेकर रामादेवी कांशीराम अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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सेंट्रल यूपी 18 तक पहुंचेगा मानसून
केरल तक देर से पहुंचने वाला मानसून सेंट्रल यूपी 18 जून तक आ सकता है। इस क्षेत्र में कानपुर देहात और कानपुर नगर सहित तमाम जिले आते हैं। 18 से 20 जून के बीच मानसूनी बारिश के अनुमान हैं। इस बार अच्छे मानसून के दस्तक देने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान विभाग ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक करीब 106 फीसदी तक बारिश होगी।
धूप से जल रही त्वचा
कानपुर(ब्यूरो)। सूरज की तेज किरणें त्वचा (स्किन) को जला रही हैं। तेज धूप में निकलने वाले हर तीन में से एक महिला व युवती सन बर्न से पीड़ित हो रही है। त्वचा के नीचे मौजूद मेलानिन को तेज धूप खत्म कर दे रही है। मेलानिन त्वचा को काला होने से रोकता है। साथ ही जलन और खुजली के साथ दाने भी निकल आ रहे हैं। हैलट के चर्म रोग ओपीडी में रोजाना 250-300 मरीज सन बर्न के आ रहे हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. सुशील चंद्रा और डॉ. डीपी शिवहरे बताते हैं कि तेज धूप से त्वचा को बचाना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही से सन बर्न हो जा रहा है।
पिछले साल हुई थी बारिश
16 मई 2015 को शहर में बारिश हुई थी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग ने 2.8 मिली मीटर बारिश रिकार्ड किया था। वहीं इसी साल १३ मई को पारा ४४ पहुंचा था। लेकिन इस बार उमस ज्यादा थी। वहीं न्यूनत पारा २९ डिग्री तक पहुंच चुका है।
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सोमवार को उत्तर-पश्चिम की गर्म हवाएं चलीं। इनकी स्पीड 3.1 किलो मीटर प्रति घंटा रिकार्ड की गई लेकिन तेज धूप ने राहत की सांस नहीं लेने दी। वातावरण में सुबह की नमी 44 फीसदी और दोपहर की नमी 16 फीसदी रिकार्ड की गई, जो सामान्य से काफी कम है। अधिकतम पारा फिर 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे पहले 16 मई 2010 को अधिकतम पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था।
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न्यूनतम पारा 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। इस कारण भी उमस और बेचैनी बढ़ाने वाली गर्मी महसूस की गई है।
बिठूर और चकेरी में लू से मौत
कानपुर। बिठूर में सोमवार दोपहर लू लगने से कुरसौली बिठूर निवासी दिवारी लाल (51) की मौत हो गई। वहीं चकेरी के कृष्णा नगर गेट पर फुटपाथ पर देशी दवा बेचने वाले अधेड़ राजू (45) की सोमवार शाम मौत हो गई। लोगों ने बताया कि राजू की भरी दोपहर में तबीयत खराब हुई थी। शाम को उसकी सांसंे थम गई, आस पास के लोग उसे लेकर रामादेवी कांशीराम अस्पताल पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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सेंट्रल यूपी 18 तक पहुंचेगा मानसून
केरल तक देर से पहुंचने वाला मानसून सेंट्रल यूपी 18 जून तक आ सकता है। इस क्षेत्र में कानपुर देहात और कानपुर नगर सहित तमाम जिले आते हैं। 18 से 20 जून के बीच मानसूनी बारिश के अनुमान हैं। इस बार अच्छे मानसून के दस्तक देने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान विभाग ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक करीब 106 फीसदी तक बारिश होगी।
धूप से जल रही त्वचा
कानपुर(ब्यूरो)। सूरज की तेज किरणें त्वचा (स्किन) को जला रही हैं। तेज धूप में निकलने वाले हर तीन में से एक महिला व युवती सन बर्न से पीड़ित हो रही है। त्वचा के नीचे मौजूद मेलानिन को तेज धूप खत्म कर दे रही है। मेलानिन त्वचा को काला होने से रोकता है। साथ ही जलन और खुजली के साथ दाने भी निकल आ रहे हैं। हैलट के चर्म रोग ओपीडी में रोजाना 250-300 मरीज सन बर्न के आ रहे हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. सुशील चंद्रा और डॉ. डीपी शिवहरे बताते हैं कि तेज धूप से त्वचा को बचाना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही से सन बर्न हो जा रहा है।
पिछले साल हुई थी बारिश
16 मई 2015 को शहर में बारिश हुई थी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग ने 2.8 मिली मीटर बारिश रिकार्ड किया था। वहीं इसी साल १३ मई को पारा ४४ पहुंचा था। लेकिन इस बार उमस ज्यादा थी। वहीं न्यूनत पारा २९ डिग्री तक पहुंच चुका है।