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किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़े है...
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 16 Dec 2016 11:05 PM IST
सार
- आईआईटी में राहत इंदौरी, कुमार विश्वास और मुमताज नसीम ने बिखेरे जलवे
- राजनीति के साथ खूब चले प्यार मोहब्बत के तीर
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विस्तार
51वीं आईआईटी स्पोर्ट्स मीट में शुक्रवार की शाम देश के बेहतरीन कवियों के नाम रही। देर शाम आईआईटी के ओएटी में शुरू हुए कवि सम्मेलन में मशहूर गीतकार और शायर राहत इंदौरी, कुमार विश्वास और मुमताज नसीम ने शिरकत की। मुमताज ने शायरी और गजलों से शाम की शुरूआत की। उनकी हर खूबसूरत नग्मों ने आईआईटीयंस को मदहोश कर दिया। फिर क्या मुमताज के लिए जो तालियां बजनी शुरू हुई थी वो देर रात कुमार विश्वास के अंतिम पंक्ति तक बजती रही।
बदरिया वहां जाकर बरसो जहां रे मोरे सावरिया...
अलीगढ़ से आई गजलकार और शायर मुमताज नसीम ने अपने ही अंदाज में आईआईटीयंस को अपना दिवाना बनाया। उनके गीत बदरिया रे...वहां जाकर बरसो जहां रे मोरे संवरिया... ने आईआईटीयंस की खूब तालियां बटोरीं। मुमताज ने गजलों की एक से बढ़कर एक लाइनें पेश की।
इंदौरी ने प्यार से साधा पीएम पर निशाना....
राहत इंदौरी का शायराना अंदाज भी आईआईटीयंस को खूब भाया। उन्होंने प्यार मोहब्ब्त की बातों के साथ पीएम मोदी पर भी निशाना साध दिया। उन्होंने अपनी पंक्तियां ‘फैसला जो कुछ हो मंजूर होना चाहिए...जंग हो या इश्क को भरपूर होना चाहिए। जिनकी कट चुकी है उम्र पत्थर तोड़ते-तोड़ते, अब तो उन हाथों में कोहिनूर होनी चाहिए’। उनकी अगली पंक्ति ‘जो आज साहिबेमद हैं वो कल नहीं होंगे। किराएदार हैं, जाती मकान थोड़े ही हैं... सभी का खून शामिल है यहां की मिट्टी में...ये किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़े है...’ पर हॉल में मौजूद सभी ने खड़े होकर तालियां बजाई।
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विश्वास ने गुदगुदी के साथ चलाए राजनीतिक बाण
कवि और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने आईआईटींय को खूब गुदगुदाया। संचालन की भूमिका निभाते हुए विश्वास ने कई बार आईआईटीयंस की चुटकी ली। उन्होंने देश में बढ़ती आबादी पर पीएम मोदी और उनके समर्थकों पर भी निशाना साधा।
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बदरिया वहां जाकर बरसो जहां रे मोरे सावरिया...
अलीगढ़ से आई गजलकार और शायर मुमताज नसीम ने अपने ही अंदाज में आईआईटीयंस को अपना दिवाना बनाया। उनके गीत बदरिया रे...वहां जाकर बरसो जहां रे मोरे संवरिया... ने आईआईटीयंस की खूब तालियां बटोरीं। मुमताज ने गजलों की एक से बढ़कर एक लाइनें पेश की।
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इंदौरी ने प्यार से साधा पीएम पर निशाना....
राहत इंदौरी का शायराना अंदाज भी आईआईटीयंस को खूब भाया। उन्होंने प्यार मोहब्ब्त की बातों के साथ पीएम मोदी पर भी निशाना साध दिया। उन्होंने अपनी पंक्तियां ‘फैसला जो कुछ हो मंजूर होना चाहिए...जंग हो या इश्क को भरपूर होना चाहिए। जिनकी कट चुकी है उम्र पत्थर तोड़ते-तोड़ते, अब तो उन हाथों में कोहिनूर होनी चाहिए’। उनकी अगली पंक्ति ‘जो आज साहिबेमद हैं वो कल नहीं होंगे। किराएदार हैं, जाती मकान थोड़े ही हैं... सभी का खून शामिल है यहां की मिट्टी में...ये किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़े है...’ पर हॉल में मौजूद सभी ने खड़े होकर तालियां बजाई।
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विश्वास ने गुदगुदी के साथ चलाए राजनीतिक बाण
कवि और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने आईआईटींय को खूब गुदगुदाया। संचालन की भूमिका निभाते हुए विश्वास ने कई बार आईआईटीयंस की चुटकी ली। उन्होंने देश में बढ़ती आबादी पर पीएम मोदी और उनके समर्थकों पर भी निशाना साधा।