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कुलदीप प्रकरण: सेंगर के भाई को अंतरिम जमानत, खेमें में जागी उम्मीद
Sat, 19 Dec 2020 11:25 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 19 Dec 2020 11:25 PM IST
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कुलदीप सेंगर प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
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दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के भाई को अंतरिम जमानत मिलने के बाद मामला एकबार फिर चर्चा में आ गया है। दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में तीस हजारी कोर्ट ने 13 मार्च 2020 को पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर व उनके छोटे भाई जयदीप सिंह उर्फ अतुल सहित सात लोगों को हत्या का दोषी पाते हुए दस साल कारावास की सजा सुनाई थी।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अतुल सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी बीमारी का हवाला देते हुए इलाज के लिए जमानत अर्जी दी थी। सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें आठ सप्ताह की सर्शत अंतरिम जमानत दी है।
न्यायाधीश की ओर से दिल्ली से बाहर न जाने, मुकदमे में वादी एवं साक्षी गणों से संपर्क न करने, अपना मोबाइल फोन हमेशा ऑन रखने, गूगल मैप पर अपना पिन नंबर डालकर लोकेशन सीबीआई को उपलब्ध कराने, अंतरिम जमानत की अवधि में कोई भी अपराध न करने का निर्देश दिया है वहीं सीबीआई को दिए निर्देश दिया है कि अभियुक्त जयवीर सिंह उर्फ अतुल के खिलाफ अंतरिम जमानत अवधि में अगर कोई एफआईआर दर्ज होती है तो तत्काल न्यायालय को सूचना दी जाए।
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दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अतुल सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी बीमारी का हवाला देते हुए इलाज के लिए जमानत अर्जी दी थी। सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें आठ सप्ताह की सर्शत अंतरिम जमानत दी है।
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न्यायाधीश की ओर से दिल्ली से बाहर न जाने, मुकदमे में वादी एवं साक्षी गणों से संपर्क न करने, अपना मोबाइल फोन हमेशा ऑन रखने, गूगल मैप पर अपना पिन नंबर डालकर लोकेशन सीबीआई को उपलब्ध कराने, अंतरिम जमानत की अवधि में कोई भी अपराध न करने का निर्देश दिया है वहीं सीबीआई को दिए निर्देश दिया है कि अभियुक्त जयवीर सिंह उर्फ अतुल के खिलाफ अंतरिम जमानत अवधि में अगर कोई एफआईआर दर्ज होती है तो तत्काल न्यायालय को सूचना दी जाए।
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साथ ही 8 सप्ताह पूरे होते ही जेल अधीक्षक तिहाड़ के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। उधर किशोरी से दुष्कर्म में आजीवन कारावास व अन्य मामलों में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के फैसले के खिलाफ पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में पहले ही अपील दाखिल कर रखी है। सेंगर खेमे को उम्मीद है कि सुनवाई होने के बाद हाईकोर्ट से राहत मिल सकती है।
यह था मामला
3 अप्रैल 2018 को दिल्ली से अपने गांव पहुंचे दुष्कर्म पीड़िता के पिता को पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के भाई जयदीप उर्फ अतुल सेंगर ने साथियों के साथ मिलकर पीटा था। बाद में पुलिस पर दबाव बनाकर पिता के खिलाफ ही आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
9 अप्रैल 2018 को न्यायिक हिरासत में उसके पिता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 1 अगस्त 2019 से दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में इस मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई थी। 4 मार्च 2020 को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई थी। 13 मार्च 2020 को तीस हजारी न्यायालय ने कुलदीप सेंगर, उनके भाई अतुल सेंगर, माखी थाना के तत्कालीन एसओ अशोक सिंह भदौरिया, दरोगा केपी सिंह सहित सात लोगों को दस साल की सजा सुनाई थी।
यह था मामला
3 अप्रैल 2018 को दिल्ली से अपने गांव पहुंचे दुष्कर्म पीड़िता के पिता को पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के भाई जयदीप उर्फ अतुल सेंगर ने साथियों के साथ मिलकर पीटा था। बाद में पुलिस पर दबाव बनाकर पिता के खिलाफ ही आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
9 अप्रैल 2018 को न्यायिक हिरासत में उसके पिता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 1 अगस्त 2019 से दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में इस मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई थी। 4 मार्च 2020 को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई थी। 13 मार्च 2020 को तीस हजारी न्यायालय ने कुलदीप सेंगर, उनके भाई अतुल सेंगर, माखी थाना के तत्कालीन एसओ अशोक सिंह भदौरिया, दरोगा केपी सिंह सहित सात लोगों को दस साल की सजा सुनाई थी।