{"_id":"5cb5b228bdec2213e2730a71","slug":"know-about-renera-house-mobile-app","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मिनटों में मोबाइल ऐप से मिलेगा किराए पर कमरा, छात्रों ने लांच किया एक ऐप, जानिए इसकी खासियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिनटों में मोबाइल ऐप से मिलेगा किराए पर कमरा, छात्रों ने लांच किया एक ऐप, जानिए इसकी खासियत
Tue, 16 Apr 2019 05:05 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 16 Apr 2019 05:05 PM IST
विज्ञापन
छात्रों ने तैयार किया मोबाइल ऐप
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अक्सर दूसरे शहर में पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों को किराए पर कमरा मिलने में दिक्कत होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) और डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर पर्सन विद डिसएबिलिटी (एआईटीपीडी) के छात्रों ने मिलकर रेनेरा हाउस मोबाइल ऐप तैयार किया है।
इस ऐप से शहर के लोग खाली कमरों को किराए पर आसानी से उठा सकेंगे। वहीं, दूसरे शहर से आकर पढ़ाई या नौकरी करने के लिए आने वाले लोग किराए पर अच्छे घर और कमरे हासिल कर पाएंगे।
विज्ञापन
इस ऐप से शहर के लोग खाली कमरों को किराए पर आसानी से उठा सकेंगे। वहीं, दूसरे शहर से आकर पढ़ाई या नौकरी करने के लिए आने वाले लोग किराए पर अच्छे घर और कमरे हासिल कर पाएंगे।
विज्ञापन
सोमवार को एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. मनोज शुक्ला व प्रो. राकेश कुमार त्रिवेदी ने छात्रों के इस मोबाइल ऐप को लांच किया। एचबीटीयू के छात्र अंजनेय बसेडिया, हर्ष यादव और एआईटीपीडी के रूपेश रंजन ने मिलकर यह ऐप तैयार किया है।
रूपेश ने बताया कि फिलहाल इस ऐप में शहर के वे मकान मालिक अपना नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं जो अपने यहां किराएदार रखना चाहते हैं। इसके बाद मई के अंतिम सप्ताह से छात्रों के लिए सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। छात्र अपने मनमुताबिक जगह किराए पर कमरे हासिल कर पाएंगे। मकान मिलने के बाद तय किराये का कुछ प्रतिशत हिस्सा ऐप के शुल्क में रूप में जमा कराया जाएगा।
रूपेश ने बताया कि फिलहाल इस ऐप में शहर के वे मकान मालिक अपना नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं जो अपने यहां किराएदार रखना चाहते हैं। इसके बाद मई के अंतिम सप्ताह से छात्रों के लिए सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। छात्र अपने मनमुताबिक जगह किराए पर कमरे हासिल कर पाएंगे। मकान मिलने के बाद तय किराये का कुछ प्रतिशत हिस्सा ऐप के शुल्क में रूप में जमा कराया जाएगा।
किराएदारों का होगा पुलिस वेरीफिकेशन
रूपेश बताते हैं कि यह ऐप सबसे ज्यादा उन बुजुर्गों को राहत देगा जो घर में अकेले रहते हैं। ऐसे बुजुर्गों को उनके मनमुताबिक किराएदार दिए जाएंगे। इससे उनका मन भी लगा रहेगा और वह अपने परिवार का अहसास कर पाएंगे।
किराए पर मकान या कमरा आवंटित करने से पहले रेनेरा हाउस की तरफ से किराएदारों का पुलिस वेरीफिकेशन भी कराया जाएगा ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।
रूपेश बताते हैं कि यह ऐप सबसे ज्यादा उन बुजुर्गों को राहत देगा जो घर में अकेले रहते हैं। ऐसे बुजुर्गों को उनके मनमुताबिक किराएदार दिए जाएंगे। इससे उनका मन भी लगा रहेगा और वह अपने परिवार का अहसास कर पाएंगे।
किराए पर मकान या कमरा आवंटित करने से पहले रेनेरा हाउस की तरफ से किराएदारों का पुलिस वेरीफिकेशन भी कराया जाएगा ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।