सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण 27 को, प्रभाव से 6 माह तक इन राशियों पर रहेगी शनि की कुदृष्टि
वाराहमिहिर के अनुसार मकर भारत की लग्न है। ऐसे में पूर्ण चंद्रग्रहण भारत की लग्न पर पड़ेगा। नैसर्गिक राशि मंडल में मकर दशम भाव होगा और उसका स्वामी शनि होगा। ऐसे में पूर्ण चंद्रग्रहण से देश में काफी उथलपुथल होगी। मकर, मेष एवं कर्क राशि वालों पर छह माह तक शनि वक्री रहेंगे।
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ग्रहण के प्रभाव से जनीतिक उथलपुथल, धार्मिक विद्वेष, रक्तपात और प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाएं हो सकती हैं। पहला सबसे बड़ा चंद्रग्रहण 1901 में तीन मई को पड़ा था। हालांकि यह भारत में नहीं दिखा था।
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27 जुलाई को सबसे लंबा चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र एवं मकर राशि में पड़ रहा है। इसका दुष्प्रभाव विशेष रूप से मेष एवं कर्क राशि वालों पर पड़ेगा।
चंद्रग्रहण का समय
चंद्रग्रहण का समय
भारतीय समय के अनुसार रात 11:54 से चंद्रग्रहण प्रारंभ होगा और मध्य रात्रि के उपरांत 3:49 बजे तक रहेगा। इस तरह यह लगभग 3 घंटा 55 मिनट तक रहेगा। इसका सूतक काल दोपहर 12:31 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद भोर में अपने समयानुसार मंदिर के पट खुलेंगे। 27 जुलाई को सुबह की आरती होगी जबकि शयन आरती नहीं होगी।
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