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Kanpur: केस्को के पेमेंट गेटवे को हैक किया...फिर फर्जी खाते में पैसा ट्रांसफर, छह गिरफ्तार और 90.50 लाख बरामद

Thu, 10 Aug 2023 09:42 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 10 Aug 2023 09:42 AM IST
सार

Kanpur News: 18 से 23 जून के बीच गेटवे के यूआरएल में छेड़छाड़ कर केस्को के 679 उपभोक्ताओं के 44.92 लाख रुपये और 01 से 16 जुलाई तक 1102 उपभोक्ताओं के 1.03 करोड़ रुपये सुमन के खाते में आ गए।

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Kesco payment gateway hacked, money transferred to fake account, six arrested and 90.50 lakh recovered
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में आईसीआईसीआई बैंक से केस्को के 1.48 करोड़ रुपये दूसरे एकाउंट में ट्रांसफर होने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस मामले में बिजली विभाग के एक ठेकेदार, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर और एक हैकर की मिलीभगत सामने आई है। इन सबने मिलकर केस्को के पेमेंट गेटवे को हैक किया।  इससे ऑनलाइन जमा होने वाले बिलों का पैसा आईसीआईसीआई बैंक के जरिए केस्को के वास्तविक खाते में जाकर केस्को इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम के फर्जी खाते में जाने लगा।

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क्राइम ब्रांच अब तक बागपत और बुलंदशहर से छह को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें सॉफ्टेवयर इंजीनियर, बिजली ठेकेदार और खाताधारक सुमन का पति योगेंद्र शामिल हैं।  90.50 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं। मास्टरमाइंड हैकर कुंदन अभी पकड़ से दूर है। उसकी तलाश में पुलिस टीम रांची में जमी है। केस्को ने अपने खाते में रकम आते न देख ग्वालटोली थाने में बैंक के अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर आईसीआईसीआई बैंक ने पाया कि पैसा मेरठ की किसी सुमन के खाते में जा रहा है।

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केस्को इलेक्ट्रानिक्स नाम का खुलवाया था खाता
इसकी रिपोर्ट बैंक ने कोतवाली में की। मामले की गंभीरता को देख पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने एडिशनल डीसीपी क्राइम मनीष सोनकर के नेतृत्व में पुलिस, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस, साइबर सेल को जांच सौंपी दी। इसके बाद पुलिस की चार टीमें मेरठ, बागपत, बुलंदशहर पहुंच गईं। मेरठ में खाताधारक सुमन और उसके पति योगेंद्र को हिरासत में लिया। उनसे पता चला कि बिजली विभाग के ठेकेदार विवेक शर्मा के कहने पर योगेंद्र ने अपनी पत्नी के नाम से केस्को इलेक्ट्रानिक्स नाम का खाता खुलवाया था।

सुहेल खान की सलाह पर 22 खाते और खुलवाए
इसके बाद उसने सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुहेल खान की सलाह पर 22 खाते और खुलवाए। इसके बाद पुलिस ने सुहैल और बागपत के अनिल कुमार, करन राणा और शक्ति को गिरफ्तार कर लिया। इनके खातों में भी रुपये ट्रांसफर हुए थे। इनके पास से 90 लाख रुपये बरामद हुए हैं। अब पुलिस को रांची के मास्टर माइंड कुंदन की तलाश है। इसके अलावा कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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21 दिन में सिर्फ दो घंटे काम कर उड़ाए 1.48 करोड़
गिरोह के मास्टरमाइंड कुंदन ने सुमन का खाता खुलवाने के बाद गेटवे हैक कर लिया। फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुहेल खान ने केस्को के गेटवे के यूआरएल को बदला। 18 से 23 जून के बीच गेटवे के यूआरएल में छेड़छाड़ कर केस्को के 679 उपभोक्ताओं के 44.92 लाख रुपये और 01 से 16 जुलाई तक 1102 उपभोक्ताओं के 1.03 करोड़ रुपये सुमन के खाते में आ गए। फिर सुहेल ने इन्हें 22 अलग अलग खातों में ट्रांसफर कर चेक और कैश के जरिए निकाल लिया।गौरतलब है कि सुमन के नाम पर ही केस्को इलेक्ट्रॉनिक्स नाम से खाता खोला गया था।

31 मोबाइल और 30 एटीएम बरामद
गिरफ्तार लोगों के पास से 90 लाख 50 हजार रुपये, 31 मोबाइल और 30 एटीएम बरामद हुए है। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के जसौला निवासी सुहैल खान, बागपत निवासी बिजली ठेकेदार विवेक शर्मा, बागपत के अनिल कुमार, करण राणा, योगेंद्र सिंह और शक्ति को पकड़ा है। सुहेल खान और अनिल कुमार बुलंदशहर से अन्य बागपत से दबोये गए। इसमें 20 वर्षीय करन राणा इंटर पास हैं। वह विवेक शर्मा का ड्राइवर है।

शक के घेरे में सॉफ्टवेयर बनाने वाला
सॉफ्टवेयर की जानकारी रखने वाला ही गेटवे में छेडख़ानी कर सकता है। इस वजह से बैंक और केस्को के सॉफ्टवेयर बनाने वाले या उनको अपडेट करने वाले शक के घेरे में हैं। क्राइम ब्रांच को शक है कि बैंक या केस्को का कोई न कोई कर्मी जरूर इस रैकेट में शामिल है। उसका पता लगाने में एक टीम लगी है।

होटल खरीदने जा रहे थे शातिर
एडीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सुहेल और विवेक ठगी की रकम से बागपत में 40 लाख रुपये कीमत में एक होटल खरीदनेे जा रहे थे। उन्होंने एक लाख रुपये एडवांस भी दे दिया था। लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने सुमन समेत कुल 23 लोगों के खाते फ्रीज कर दिए है। इन खातों कुल 10 लाख रुपये हैं।

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