Kanpur: उचटी में लैंड पूलिंग से जमीन लेकर आशियाने बनाएगा केडीए, कल है बोर्ड बैठक…रखे जा सकते हैं ये प्रस्ताव
Kanpur News: केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय के अनुसार लैंड पूलिंग योजना के तहत काश्तकारों से जो जमीन ली जाएगी, उससे 25 फीसदी जमीन विकसित प्लाटों के रूप में उन्हें दी जाएगी।
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कानपुर में केडीए बोर्ड की 14 फरवरी को होने वाली बैठक में चकेरी के ग्राम उचटी में लैंड पूलिंग योजना के तहत प्लाट विकसित करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। इससे हजारों लोगों के आशियाने का सपना पूरा होगा। बैठक के एजेंडे में बहुप्रतीक्षित न्यू कानपुर योजना को मूर्तरूप देने के लिए ले-आउट स्वीकृति, भू-उपयोग परिवर्तन सहित कई प्रस्ताव लाए जाएंगे।
विकास प्राधिकरण के अफसर 13 फरवरी को टीओडी जोन के छोटे मकानों में आवासीय कम व्यावसायिक उपयोग सहित कई अन्य प्रस्तावों को अंतिम रूप देंगे। बुधवार को अवकाश होने के बावजूद अधिकारी बैठक के एजेंडे के लिए प्रस्ताव तैयार करते रहे। कुछ प्रस्ताव रखे जाने तय हैं। इनमें केडीए की ओर से पहली बार लैंड पूलिंग योजना के तहत आवासीय योजना विकसित करने का प्रस्ताव प्रमुख है।
कई काश्तकारों ने सहमति जताई
योजना की शुरुआत ग्राम उचटी से की जाएगी। केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय के अनुसार लैंड पूलिंग योजना के तहत काश्तकारों से जो जमीन ली जाएगी, उससे 25 फीसदी जमीन विकसित प्लाटों के रूप में उन्हें दी जाएगी। योजना के लिए कई काश्तकारों ने सहमति जताई है। न्यू कानपुर सिटी योजना को विकसित करने के लिए बनाए गए ले-आउट पर मुहर लगने के लिए भी प्रस्ताव लाया जा रहा है।
कई और प्रस्ताव भी लाए जा सकते हैं
बैठक में दक्षिण क्षेत्र विकसित होने से पहले ही स्थगित की गई बिनगवां आवासीय योजना निरस्त करने, पांच अलग-अलग मामलों में भू-उपयोग परिवर्तन, प्लाट के लिए पूरा धन जमा कर चुके एक आवंटी को वैकल्पिक प्लाट देने या धन लौटाने का प्रस्ताव रखा जाना है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन के छोटे प्लाटों, मकानों में आवासीय कम व्यावसायिक उपयोग के संबंध में नीति निर्धारण आदि प्रस्ताव लाए जा सकते हैं।
यह है लैंड पूलिंग योजना
लैंड पूलिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत अलग-अलग मालिकों की आसपास मौजूद जमीनों को किसी सरकारी या गैर सरकारी योजना के लिए सरकारी या लोगों के समूह के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।