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Kanpur Karwa Chauth: रोहिणी नक्षत्र में होगा चंद्र पूजन, इस बार बन रहा अति शुभ संयोग, ये रही पूरी जानकारी

Fri, 10 Oct 2025 04:12 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Fri, 10 Oct 2025 04:12 PM IST
सार

Kanpur News: करवाचौथ पर इस बार अति शुभ संयोग बन रहा। चंद्रदेव अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे।

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Karwa Chauth: Moon worship will take place in Rohini Nakshatra
करवाचौथ - फोटो : Amar ujala

विस्तार

करवाचौथ का व्रत शुक्रवार को रखा जाएगा। उदयातिथि के आधार पर यह व्रत कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाएगा। चतुर्थी तिथि नाै अक्तूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होगी जो 10 अक्तूबर की रात 7:38 बजे तक रहेगी। अंतरंग फाउंडेशन की संस्थापक ज्योतिषाचार्य स्वाति सक्सेना ने बताया कि करवाचौथ पर इस बार अत्यंत शुभ योग बन रहा है। इस दिन सिद्धि योग शाम 5:41 बजे तक रहेगा। वहीं रोहिणी नक्षत्र शाम 5:31 बजे से प्रारंभ होगा। चंद्रदेव अपनी उच्च राशि वृषभ में और अपने ही रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे जिससे पूजन की शुभता कई गुना बढ़ जाएगी। शाम को चंद्र पूजन के समय ऊं सौम सौमाय नमः मंत्र से अर्घ्य अर्पित करना फलदायी रहेगा। ऐसा करने से सौभाग्य की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में मधुरता और रिश्तों में सहजता आती है।
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सरगी का होता है विशेष महत्व
ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक व अध्यक्ष आचार्य पवन तिवारी के अनुसार व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाने से होती है जो सास अपनी बहू को देती हैं। इसमें फल, मेवे, मिठाई और पराठे शामिल होते हैं। सरगी ग्रहण करने के बाद महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। व्रत का समय सुबह 6:19 से रात 8:13 बजे तक रहेगा। कुल अवधि करीब 13 घंटे 54 मिनट की होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 से 7:11 बजे तक रहेगा जिसकी अवधि एक घंटा 14 मिनट की होगी।
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राशियों के हिसाब से धारण करें वस्त्र
पंडित दीपक पांडे के अनुसार करवाचौथ पर महिलाओं को राशियों के हिसाब से वस्त्र धारण करने चाहिए। ऐसा करने से विशेष लाभ होता है। इस दिन काले या भूरे रंग के वस्त्र पहनने से बचें। लाल रंग सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। सोलह शृंगार इस दिन अनिवार्य माने जाते हैं। व्रत को साफ मन और श्रद्धा से करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

मेष: लाल या सुनहरा।
वृषभ: सिल्वर या लाल।
मिथुन: हरा।
कर्क: लाल।
सिंह: लाल, नारंगी या सुनहरा।
कन्या: लाल, हरा या सुनहरा।
तुला: लाल, गोल्डन या सिल्वर।
वृश्चिक: लाल, मैरून या गोल्डन।
धनु: पीला या आसमानी।
मकर: नीला।
कुंभ: नीला या सिल्वर।
मीन: पीला या गोल्डन।

इसी दिन श्रीगणेश चतुर्थी का व्रत भी
ज्योतिषाचार्य पंडित पीएन द्विवेदी ने बताया कि श्रीगणेश चतुर्थी और करवाचौथ का व्रत एक ही दिन 10 अक्तूबर को किया जाएगा। रात करीब 7:58 बजे चंद्रमा के दर्शन होने पर परंपरागत तरीके से अर्घ्य और पूजन कर इसे संपन्न किया जाएगा।
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