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डेड है पेशेंट...और चल पड़ी सांसें: नवजात को घोषित किया मृत, पन्नी में छह घंटे तक रही बंद, जानें क्या है मामला

Fri, 21 Jul 2023 07:13 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 21 Jul 2023 07:13 PM IST
सार

Kanpur News: अस्पताल के सीएमएस डॉ. स्वदेश गुप्ता का कहना है कि सुबह पति-पत्नी बच्ची को लेकर आए थे। इस पर बच्ची को तत्काल एसएनसीयू यूनिट में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।

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Kanshi Ram Hospital declared the newborn dead, when the relatives reached home, they were breathing
कांशीराम अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में रामादेवी स्थित मान्यवर कांशीराम अस्पताल में शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया। यहां करीब पांच माह की प्रीमेच्योर बच्ची की डिलीवरी हुई, जिसे स्टॉफ ने मृत बताया। इसके बाद प्रसूता समेत परिजनों को घर के लिए चलता कर दिया।

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परिजन जब घर पहुंचे, तो दो घंटे बाद पन्नी में बंद नवजात की सांसे चलती मिलीं। इस पर परिजन, रिश्तेदार हैरत में पड़ गए। मुहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। बता दें कि इस दौरान मोहल्ले के लोग नवजात के अंतिम दर्शन कर उसके अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे। 
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जाजमऊ के मुहल्ला तिवारीपुर जेके निवासी राजकुमार पाल ई-रिक्शा चालक है। उनके एक 12 वर्ष की बेटी पूर्णिमा है, जो केंद्रीय विद्यालय 03 में कक्षा छह की छात्रा है। राजकुमार के अनुसार पत्नी मीनू पाल (38) पांच माह के गर्भ से थीं। उसका कांशीराम अस्पताल में उपचार चल रहा था।

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उपचार के बाद हो गया था आराम
चार मई को अल्ट्रासाउंड हुआ था, जिसके बाद 22 अगस्त को फिर अल्ट्रासाउंड की डेट मिली थी। इस बीच बुधवार रात साढ़े 10 बजे पत्नी मीनू को कुछ परेशानी हुई। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर बाहर से इंजेक्शन और दवाएं मंगाई गईं। यहां उपचार के बाद मीनू को आराम हो गया।

फिर शुरू हो गया था रक्तस्त्राव
इसके बाद शुक्रवार तड़के चार बजे उसे फिर रक्तस्त्राव शुरू हो गया। इस पर उसे अपने रिश्ते से लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां लेबर रूम में पहुंचते ही पत्नी ने बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान अस्पताल स्टॉफ ने बताया कि बच्ची मृत है। लिहाजा उसे पन्नी में लपेट कर बेड पर रख दिया।

स्टॉफ को 4000 रुपये भी दिए
कहा कि वह जल्दी पत्नी के लिए दूसरे कपड़ों का इंतजाम करें। आरोप है कि स्टॉफ ने उनसे चार हजार रुपये मांगे। राजकुमार ने बताया कि वह घर पहुंचे और पत्नी के लिए कपड़े लेकर आए।  साथ ही स्टॉफ को 4000 रुपये भी दिए। फिर वह पत्नी और बच्ची समेत घर वापस आ गए।

सांसें चल रही थीं...सब सकते में आ गए
इस दौरान पन्नी में लिपटी बच्ची को घर पर ही किनारे रख दिया। इसके करीब दो घंटे बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए गंगा जी में ले जाने की तैयारी थी। तभी घर की बुजुर्ग निशा देवी ने अंतिम दर्शन के लिए बच्ची को देखा ,तो उसकी सांसें चल रही थीं। यह जानकारी उन्होंने दी, तो सुनकर सभी सकते में आ गए।

आरोप से पलट गया राजकुमार, बोला- नहीं करनी शिकायत
4000 रुपये घूस लेने और लापरवाही का आरोप लगाने वाले राजकुमार पाल  कुछ घंटे बाद ही बयान से पलट गया। उसका कहना है कि बच्ची का इलाज हो रहा है।  उसे कोई शिकायत नहीं करनी है। वहीं, सुबह अस्पताल में लापरवाही का हंगामा करने वाले परिजन भी मौन हैं। राजकुमार का कहना है कि उन्हें शिकायत नहीं करनी है।

इसलिए नहीं कि है लिखित शिकायत
नवजात बच्ची को जीवित मृत बताने के मामले में हंगामा आक्रोश के बाद शिकायत कार्रवाई का मामला उठा।  उनका कहना था कि जैसा उनके साथ हुआ और किसी के साथ ना हो। इसलिए एक्शन बहुत जरूरी है, लेकिन बाद में वह बैक फुट में आ गए। चर्चा रही कि अस्पताल स्टाफ और उनके बीच मोटी रकम में का समझौता हुआ है।

महज 400 ग्राम की नवजात, प्रयास हैं जारी
राजकुमार पाल और प्रसूता मीनू की पांच महीने की बच्ची का वजन महज 400 ग्राम है। सीनियर चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ संदीप श्रीवास्तव का कहना है कि बच्ची को विगो तक नहीं लग पा रही है। उसे एसएनसीयू में रखा गया है। बच्ची की जान बचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

सीएमएस बोले- नहीं मिली शिकायत फिर भी कराएंगे जांच
अस्पताल के सीएमएस डॉ. स्वदेश गुप्ता का कहना है कि सुबह पति पत्नी बच्ची को लेकर आए थे। इस पर बच्ची को तत्काल एसएनसीयू यूनिट में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। बताया कि दंपती में किसी तरह की शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर संबंधित स्टॉफ की जांच की जा कराई जाएगी।

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