Kanpur: नए सत्र में शैक्षणिक संस्थानों की सौगात, शामिल होंगे आईटीआई, डिग्री कॉलेज और सैनिक स्कूल
घाटमपुर में बन रहा राजकीय डिग्री कॉलेज, शिवराजपुर में आईटीआई बनकर तैयार है। साथ ही, जीआईसी भौंती में सैनिक स्कूल बनने को प्रस्ताव भेजा गया है।
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कानपुर में आगामी शैक्षिक सत्र से जिले को तीन नए शिक्षण संस्थानों की सौगात मिलेगी। नए सत्र से इनमें दाखिले भी शुरु हो जाएंगे। हालांकि तीनों संस्थान जिले के ग्रामीण इलाकों में हैं, लेकिन यह संस्थान जरुरतमंदों को कम दाम में शिक्षा मिलने की उम्मीद जगा रहे हैं।
इन संस्थानों में आईटीआई, महाविद्यालय और सैनिक स्कूल की तर्ज पर एक स्कूल बनना शामिल हैं। इनमें से आईटीआई बनकर तैयार हो गई है, महाविद्यालय मार्च 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं सैनिक स्कूल बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, इसका भवन तैयार है।
शिवराजपुर में नई राजकीय पॉलिटेक्निक
जिले में अभी तक छह राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान हैं। सातवीं राजकीय आईटीआई शिवराजपुर में बनकर तैयार हो गई है। यह शिवराजपुर की बैरी क्रासिंग से तकरीबन दो किमी अंदर है। संस्थान का भवन बनकर तैयार हो गया है। नोडल प्रधानाचार्य डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि नए सत्र से इसमें दाखिले शुरु होंगे। शुरुआत में 12 ट्रेडों के शुरु होने के आसार हैं।
भौंती जीआईसी में बनेगा सैनिक स्कूल
राजकीय इंटर कॉलेज भौंती को सैनिक स्कूल की तर्ज पर विकसित किया जाना है। इस स्कूल को ब्राउन फील्ड के रुप में विकसित किया जाना है। संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. मनोज द्विवेदी ने बताया कि राज्य सरकार और सैनिक स्कूल सोसाएटी को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है।
इस स्कूल में 8.2 एकड़ जमीन है, जो कि मानकों को पूरा करती है। प्रदेश से 16 प्रस्ताव गए हैं। इस स्कूल को ब्राउन फील्ड इसलिए कहा जाएगा, क्योंकि यहां रनिंग स्कूल में सोसाएटी स्कूल संचालित करेगी। इस स्कूल में छात्रों को शिक्षित किया जाएगा।
घाटमपुर में मार्च में तैयार हो जाएगा राजकीय महाविद्यालय
जिले का दूसरा राजकीय महाविद्यालय घाटमपुर में होगा। इसको 7.5 करोड़ कीमत से एक हेक्टेयर जमीन में बनाया जा रहा है। भवन निर्माण अपने अंतिम चरण में हैं।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी रिपुदमन सिंह ने बताया कि मार्च 2023 कर भवन को तैयार किया जाना है। इसमें कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकाय के पाठ्यक्रम संचालित होंगे। बताते चलें कि जिले के शिवराजपुर इलाके में जिले का पहला राजकीय महाविद्यालय है।