Kanpur Weather Update: रात का पारा दो डिग्री लुढ़का, कल से तेज हवाएं चलेंगी, प्रदूषण की मात्रा 310 एक्यूआई
Weather News: डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मैदानी क्षेत्रों में कम होने की वजह से अब बादल कम होंगे, दिन में धूप, तो निकलेगी लेकिन बर्फीली हवाओं के तेज चलने से धूप का असर कम रहने की संभावना है।
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पहाड़ों पर बना पश्चिमी विक्षोभ दूर चला गया है। इसकी वजह से मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को न्यूनतम तापमान दो डिग्री नीचे आ गया। न्यूनतम तापमान छह डिग्री और अधिकतम पारा 23 डिग्री रहा। सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार, देर रात से लेकर तड़के करीब पांच बजे तक कोहरा रहा, जबकि दिन में धुंध पूरे समय तक बनी रही।
मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि 25 दिसंबर से हवाओं की रफ्तार तेज होने से ठंडक और बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मैदानी क्षेत्रों में कम होने की वजह से अब बादल कम होंगे, दिन में धूप, तो निकलेगी लेकिन बर्फीली हवाओं के तेज चलने से धूप का असर कम रहने की संभावना है।
इससे दिन में ठंडक रहेगी। इसका असर पूरे मंडल में रहेगा। ऐसे में धूप को देखकर कम कपड़ों में बाहर निकलना नुकसानदेय हो सकता है। इसी तरह रात के समय धुंध और कोहरा अधिक होने से हाईवे पर लंबी दूरी की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इस बीच हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 94 और न्यूनतम 61 प्रतिशत रिकार्ड की गई।
रेड जोन में शहर, प्रदूषण की मात्रा 310 एक्यूआई
कोहरे और धुंध के बीच महानगर में प्रदूषण की मात्रा भी रेड जोन में पहुंच गई है। शनिवार को शहर के बीचोंबीच स्थित नेहरूनगर में स्थापित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषण मापक मीटर में प्रदूषण की मात्रा 310 एक्यूआई रिकॉर्ड की गई। सीपीसीबी के अनुसार ऐसी स्थिति को बहुत खराब श्रेणी यानी रेड जोन में रखा जाता है।
प्रदूषित कण आंखों के लिए भी हानिकारक हैं
इसके अलावा किदवईनगर और कल्याणपुर के प्रदूषण मापक मीटर में प्रदूषण की मात्रा 200 एक्यूआई के करीब है। इसमें धुआं और धूल के 2.5 पीएम मात्रा वाले कण शामिल हैं, जो सांस के जरिये सीधे फेफड़ों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही ये प्रदूषित कण आंखों के लिए भी हानिकारक हैं।
199 एक्यूआई तक सामान्य श्रेणी में आता है
बोर्ड की ओर से प्रदूषण का जो मानक रखा गया है, उसके अनुसार 50 एक्यूआई से ऊपर मात्रा बढ़ना नुकसानदेय माना जाता है। 199 एक्यूआई तक सामान्य श्रेणी में आता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार नमी होने की वजह से प्रदूषित कण आपस में चिपककर एक परत के रूप में जमीन से करीब तीन किमी ऊपर जमा हो जाते हैं। बारिश और तेज धूप या फिर हवा चलने पर ये बिखर जाते हैं।
इस तरह रहा प्रदूषण
- नेहरूनगर 310 एक्यूआई
- कल्याणपुर 194 एक्यूआई
- किदवईनगर 192 एक्यूआई