Kanpur Weather Update: 72 घंटे में मानसून के कानपुर पहुंचने की उम्मीद, 22 और 23 को तेज बारिश के आसार
Weather News: मौसम विभाग के अनुसार, अभी तक स्थिर बना मानसून आगे की तरफ बढ़ने लगा है। महाराष्ट्र में रुका पश्चिमी हिस्सा मध्य प्रदेश में पहुंच गया और पूर्वी हिस्सा 48 घंटे में प्रदेश तक पहुंचेगा। इस दौरान नमी बढ़ने से उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।
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कानपुर में मानसून के 72 घंटे में कानपुर परिक्षेत्र पहुंचने की उम्मीद है। बिहार और बंगाल की सरहद पर रुका पूर्वी मानसून का सिरा आगे खिसकने लगा है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मानसून के अगले तीन दिन में कानपुर मंडल में आने की संभावना और 22-23 जून को कानपुर मंडल और बुंदेलखंड में तेज बारिश के आसार बन रहे हैं।
25 जून तक पूरे प्रदेश भर में मानसून फैल जाएगा। सोमवार को भी उमस भरी गर्मी शहरियों ने झेली। बादलों के आने से 48 घंटों में अधिकतम तापमान 6.4 डिग्री नीचे गिरा है। 11 फीसदी नमी बढ़ गई। उमस का प्रतिशत 58 पर रहा। इतनी उमस सेहत के लिए नुकसानदेह मानी जाती है।
आने वाली हवाओं की बढ़ेगी रफ्तार
सीएसए के मौसम विभाग ने पांच दिनों तक बादल रहने और 18 जून को तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि अरब सागर की हवाएं माहौल में नमी बढ़ा रही हैं। साथ ही, बादल बन रहे हैं। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी।
मानसून के आने तक झेलनी पड़ेगी भीषण उमस
उन्होंने बताया कि अभी तक स्थिर बना मानसून आगे की तरफ बढ़ने लगा है। महाराष्ट्र में रुका पश्चिमी हिस्सा मध्य प्रदेश में पहुंच गया और पूर्वी हिस्सा 48 घंटे में प्रदेश तक पहुंचेगा। इस दौरान नमी बढ़ने से उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। मानसून के आने तक भीषण उमस झेलनी पड़ेगी।
रात का न्यूनतम पारा हो जाता है अधिक
माहौल में नमी बढ़ने से शरीर का पसीना वाष्पीकृत नहीं हो पाता। इससे शरीर की तपन कम नहीं होती। व्यक्ति को जितना तापमान होता है, उससे अधिक गर्मी लगती है। दिन में बादलों के रहने से धूप कम होती है, जिससे अधिकतम तापमान कम होता है, लेकिन रात में बादलों की वजह से ऊष्मा ऊपर नहीं जा पाती। इससे रात का न्यूनतम पारा अधिक हो जाता है।
पानी और नमक की कमी नहीं होने देना चाहिए
उमस में पसीना अधिक निकलने से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस बिगड़ जाता है। शरीर में पानी और सोडियम, पोटेशियम घट जाता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि उमस भरी में गर्मी में पानी की कमी से हीट एग्जॉर्शन हो सकता है। व्यक्ति को थकान, चक्कर, बेहोशी के लक्षण आ सकते हैं। ऐसे में शरीर में पानी और नमक की कमी नहीं होने देना चाहिए।