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Kanpur: मौसम बदला, डायरिया नहीं थमा, एक बच्चे की मौत, ओपीडी में पहुंचे 200 बालरोगी
Sat, 27 May 2023 09:05 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 27 May 2023 09:05 PM IST
सार
तपिश कम हुई है, लेकिन डायरिया का प्रकोप बना हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि गंदगी की वजह से बच्चों में डायरिया फैल रहा है। जिस बोतल से उन्हें दूध दिया जाता है उसे ढंग से साफ नहीं किया जाता। हैलट के बालरोग अस्पताल के सारे बेड फुल हैं।
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हैलट अस्पताल कानपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में मौसम बदलने से माहौल में तपिश कम हुई है, लेकिन डायरिया का प्रकोप बना हुआ है। छोटे बच्चे इसकी अधिक चपेट में हैं। कल्याणपुर में एक बच्चे की डायरिया से मौत हो गई। शनिवार को बालरोग विभाग की ओपीडी में दो सौ बालरोगी आए। इनमें सबसे अधिक संख्या डायरिया के रोगियों की थी। 15 रोगियों को डायरिया के बाद फेफड़ों की झिल्ली में पानी भर गया।
डॉक्टरों का कहना है कि गंदगी की वजह से बच्चों में डायरिया फैल रहा है। जिस बोतल से उन्हें दूध दिया जाता है उसे ढंग से साफ नहीं किया जाता। हैलट के बालरोग अस्पताल के सारे बेड फुल हैं। पीआईसीयू के भी सभी बेड भरे हुए हैं।
पुराना शिवली रोड के रहने वाले राजेश कुमार दो दिन पहले हरियाणा से लौटा था। बताया कि डेढ़ साल के बच्चे को पहले बुखार आया। फिर उल्टियां हुईं और दस्त आने लगा।
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क्षेत्र के डॉक्टर को दिखाया। शनिवार सुबह हालत गंभीर हो गई तो नर्सिंगहोम ले जाने के लिए कहा। अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार आर्या ने बताया कि गंदगी और संक्रमित जलजनित बीमारियां अधिक हो रही हैं। बच्चों को जितनी बार दूध पिलाया जाए, बोतल को खौलते पानी में डालकर धोना चाहिए।
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डॉक्टरों का कहना है कि गंदगी की वजह से बच्चों में डायरिया फैल रहा है। जिस बोतल से उन्हें दूध दिया जाता है उसे ढंग से साफ नहीं किया जाता। हैलट के बालरोग अस्पताल के सारे बेड फुल हैं। पीआईसीयू के भी सभी बेड भरे हुए हैं।
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पुराना शिवली रोड के रहने वाले राजेश कुमार दो दिन पहले हरियाणा से लौटा था। बताया कि डेढ़ साल के बच्चे को पहले बुखार आया। फिर उल्टियां हुईं और दस्त आने लगा।
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क्षेत्र के डॉक्टर को दिखाया। शनिवार सुबह हालत गंभीर हो गई तो नर्सिंगहोम ले जाने के लिए कहा। अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार आर्या ने बताया कि गंदगी और संक्रमित जलजनित बीमारियां अधिक हो रही हैं। बच्चों को जितनी बार दूध पिलाया जाए, बोतल को खौलते पानी में डालकर धोना चाहिए।