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Kanpur Violence: फंडिंग में सफेदपोशों के शामिल होने की आशंका, हयात की पत्नी की भूमिका भी संदिग्ध

Tue, 07 Jun 2022 08:37 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 07 Jun 2022 08:37 AM IST
सार

कानपुर हिंसा के मामले में तीन सफेदपोश रडार पर आ गए हैं। पुलिस जांच में फंडिंग करने में सफेदपोशों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, हयात की पत्नी के खिलाफ कई अहम साक्ष्य भी मिले हैं। 

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Kanpur Violence, Possibility of involvement of white collar in funding, role of Hayat's wife suspected
उपद्रवियों की पहचान का सिलसिला जारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर हिंसा और बवाल की परतें खुलने लगी हैं। कुछ ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिससे शहर के तीन सफेदपोश रडार पर आ गए हैं। आशंका है कि हयात एंड कंपनी को ये सफेदपोश फंडिंग करते रहे हैं। अगर साक्ष्यों की पुष्टि हुई तो इन पर भी कार्रवाई होगी। उधर पूरे मामले में हयात जफर हाशमी की पत्नी की भूमिका भी संदिग्ध है। खासकर बाजार बंदी के आह्वान में। व्हाट्सएप चैट से इस संबंध में सुबूत सामने आए हैं। दरअसल, हयात ने कथित तौर पर दावा किया था कि उसने बाजार बंदी करने का आह्वान वापस ले लिया है।

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इससे संबंधित खबरें व सूचना जब एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप पर कई लोगों ने पोस्ट की तो हयात जफर की पत्नी ने सख्ती के साथ विरोध किया। उनका मतलब था कि इस तरह की पोस्ट उसमें न की जाएं। इसके बाद बंदी को बढ़ावा देने संबंधी पोस्ट किए जाने लगे। इसका हयात के साथ उसकी पत्नी ने भी समर्थन किया। हयात की पत्नी ही व्हाट्सएप ग्रुप की एडमिन हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है। कभी भी कार्रवाई हो सकती है। 

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पोस्टर वाले कई हिरासत में लिए गए
पुलिस ने 40 उपद्रवियों के पोस्टर जारी किए हैं। देर रात तक पुलिस को तमाम सूचनाएं मिलीं। इसके जरिये करीब एक दर्जन उपद्रवियों की पहचान हुई। इनमें से अधिकतर उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस मंगलवार को उनकी गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेजेगी।

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एसआईटी ने शुरू किया साक्ष्य जुटाना, उपद्रवियों की पहचान जारी
केस की विवेचना के लिए डीसीपी साउथ संजीव त्यागी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। डीसीपी सोमवार को टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। फोरेंसिक टीम भी उनके साथ थी। हिंसा प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने कई साक्ष्य जुटाए हैं। वहीं, ज्वाइंट सीपी ने बताया कि एडीसीपी पूर्वी के नेतृत्व में काम कर रही दूसरी एसआईटी फोटो व वीडियो से उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। करीब सौ उपद्रवियों की स्पष्ट फोटो मिल चुकी है। ये पथराव करते, पेट्रोल बम फेंकते दिख रहे हैं। अभी कई और पोस्टर जारी किए जाएंगे। 

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