कानपुर में बवाल और हिंसा से जुड़े एक वीडियो ने पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब नई सड़क पर बवाल शुरू हुआ, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने शुरुआत में हमलावरों से मोर्चा लेने का प्रयास किया। लेकिन बाद में वह पीछे हट गए थे। पुलिस के सामने दोनों पक्षों के बीच पथराव और पेट्रोल बम चलते रहे। पुलिस पीछे से तमाशबीन बनी रही।
पुलिसकर्मी उपद्रवियों को खदेड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। आखिर जब उच्चाधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे तब हमलावरों पर लाठीचार्ज हो सका। दरअसल बवाल की शुरुआत जब हुई तो सद्भावना चौकी पर सात पुलिसकर्मी ही थे। शुरुआती बवाल होने के बाद उपद्रवियों को इन पुलिसकर्मियों ने खदेड़ दिया था।
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पथराव करते उपद्रवी
- फोटो : अमर उजाला
कुछ ही देर बाद भारी भीड़ ने जब दोबारा हमला किया तो दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। जबरदस्त पत्थरबाजी शुरू हुई। वीडियो में पुलिसकर्मी पीछे नजर आ रहे हैं। कुछ पुलिसकर्मी जब आगे बढ़कर मोर्चा लेने का प्रयास करते हैं, पीछे खड़े अन्य पुलिसकर्मी उनको वापस बुला लेते हैं। तब वह भी वापस चले जाते हैं, सामने बवाल होता रहता है। खूनी संघर्ष जारी रहता है।
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बवाल के बाद पुलिस ने की उपद्रवियों की धरपकड़
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इशारा हुआ और टूट पड़ी भीड़
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह वीडियो चंद्रेश्वर हाता की छत से ही किसी ने बनाया। वीडियो में नमाज पढ़कर लोग सड़क की दूसरी तरफ से मूलगंज की ओर जाते दिखाई देते हैं। चंद्रेश्वर हाते की तरफ कुछ पुलिसकर्मी अन्य लोगों के साथ खड़े थे।
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सीसीटीवी में कैद हुई बवाल की घटना
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फिर अचानक एक शख्स हाथ में कपड़ा पकड़कर इशारा करता है, जिसके बाद डिवाइडर पारकर पूरी भीड़ हाता वालों पर टूट पड़ती है। तमाम उपद्रवी हाते के भीतर दाखिल हो जाते हैं। एसीपी अनवरगंज के नेतृत्व में पुलिस की टीम लाठीचार्ज कर उनको खदेड़ती है। भीड़ तितर बितर होती है लेकिन बाद में दोबारा हमला करती है।
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Kanpur Violence
- फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी ने भी किया बेपर्दा
उपद्रवियों ने जहां पर बवाल किया वहां पर तमाम सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस ने शनिवार को सभी के फुटेज निकाले, जिसमें हमलावर हमला करते हुए कैद हुए हैं। दुकानों को तोड़ते, पथराव करते और लोगों को मारते फुटेज में वह दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह के तमाम वीडियो पुलिस ने जुटाए हैं, जिसके जरिये उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।