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Kanpur Violence: हाजी वसी था हयात का मुख्य फाइनेंसर, पुलिस ने अब तक नहीं बनाया आरोपी, अफसरों का दावा जुटा रहे हैं साक्ष्य

Wed, 15 Jun 2022 06:14 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 15 Jun 2022 06:14 AM IST
सार

पुलिस ने 12 जून को ही हाजी वसी को हयात का मुख्य फाइनेंसर घोषित कर दिया था। लेकिन अब तक उसको मुख्य केस का आरोपी नहीं बनाया गया है। अफसरों का कहना है कि  साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है, क्या बिना साक्ष्य जुटाए हाजी को फाइनेंसर बताया या पर्दे के पीछे खेल चल रहा है। 

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Kanpur Violence, Haji Wasi was the chief financier of Hayat, the police have not made the accused yet, the officers claim the evidence is gathering
नई सड़क में अब भी कुछ फोर्स तैनात है - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर हिंसा और बवाल के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी का सीधा कनेक्शन पुलिस ने बिल्डर हाजी वसी से जोड़ा है। तीन दिन पहले दावा किया था कि वसी ही मुख्य हयात का फाइनेंसर है। मगर मुख्य केस में उसको अब तक आरोपी नहीं बनाया है। इसके पीछे की वजह अफसरों के पास भी नहीं है। पुलिस अफसर दावा कर रहे हैं कि हाजी वसी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। 

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नई सड़क पर तीन जून को बवाल हुआ था। पुलिस अब तक हयात समेत 57 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। 12 जून को केडीए की टीम ने जाजमऊ स्थित हाजी वसी की एक इमरात सील की थी। पुलिस ने उसी शाम प्रेसनोट जारी कर दावा किया था कि हाजी वसी ही हयात को मुख्य रूप से फंडिंग करता रहा है। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। 

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Kanpur Violence, Haji Wasi was the chief financier of Hayat, the police have not made the accused yet, the officers claim the evidence is gathering
हयात को होती थी फंडिंग - फोटो : सोशल मीडिया
दो दिन पहले चमनगंज थाने में अवैध निर्माण के मामले में चार केस हाजी वसी पर दर्ज किए गए हैं। लेकिन, बवाल के मामले में हाजी वसी को आरोपी नहीं बनाया गया है। सवाल है कि जब वह हयात को फंडिंग करता था, तो उसको अब तक आरोपी क्यों नहीं बनाया गया। 
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केडीए ने बिल्डिंग्स कीं सील - फोटो : अमर उजाला
इमारतें सील कर रहा केडीए, पुलिस जोड़ रही कनेक्शन
जब केडीए ने अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, वैसे ही पुलिस ने कनेक्शन जोड़ना शुरू कर दिया। सबसे पहले स्वरूपनगर की एक इमारत पर बुलडोजर चला, तो पुलिस ने दावा किया कि बिल्डिंग में हयात के पैसे लगे होने की आशंका है। इसी तरह अनवरगंज में सूफियान बेग व राशिद की इमारत सील हुई, तो उसमें भी दावा किया कि वह भी हयात के करीबी हैं। लेकिन, इनमें से किसी को आरोपी नहीं बनाया। न ही हयात को सीधे टारगेट कर कार्रवाई की। ऐसा क्यों किया जा रहा, इसका जवाब फिलहाल नहीं है।
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उपद्रवियों को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

तीन दिन में एक भी गिरफ्तारी नहीं
बवाल के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की थी मगर शुक्रवार आते आते गिरफ्तारी कम होती गई थीं। इधर तीन दिन में एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। आखिरी गिरफ्तारी 11 जून को पुलिस ने निजाम कुरैशी को जेल भेजा था। तब से एक भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 

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पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा - फोटो : सोशल मीडिया

जो भी कार्रवाई की जा रही है, वह साक्ष्यों के आधार पर हो रही है। आगे भी सुबूतों के आधार पर ही कार्रवाई होगी। जिन-जिन का नाम सामने आ रहा है, उनकी भूमिका गहनता से छानबीन की जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद उनको आरोपी भी बनाया जाएगा।  -विजय सिंह मीणा, पुलिस कमिश्नर

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