Kanpur: विजिलेंस टीम ने जेल में निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार से की पूछताछ, तेज हुई जांच
महोबा के क्रशर कारोबारी की मौत और भ्रष्टाचार के आरोपी निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार से विजिलेंस की टीम ने लखनऊ की जेल में पूछताछ की। तीन घंटे चली पूछताछ के दौरान जांच टीम ने 20 सवालों के जवाब लिए। अधिकतर सवालों के जवाब वह नहीं दे सका। टीम ने अब तक के जुटाए साक्ष्य भी सामने रखे। विजिलेंस की जांच अंतिम दौर में है।
आत्महत्या दुष्प्रेरण व भ्रष्टाचार के केस में दो साल तक फरार रहे एक लाख के इनामिया आईपीएस मणिलाल पाटीदार ने पिछले महीने ही कोर्ट में सरेंडर किया था। विजिलेंस की कानपुर यूनिट में मणिलाल पाटीदार के अलावा इंस्पेक्टर राकेश, इंस्पेक्टर राजू सिंह व सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र प्रताप पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया था।
पाटीदार के फरार होने की वजह से केस की विवेचना ठंडे बस्ते में पड़ी थी। जैसे ही वह सरेंडर कर जेल गया, विवेचना भी तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस की टीम ने कोर्ट की अनुमति लेने के बाद जेल में जाकर केस से संबंधित पाटीदार से पूछताछ की।
भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में सवालों की सूची दी, जिसके लिखित जवाब लिए। अधिकतर सवालों के जवाब वह सही नहीं दे सका। एक तरह से वह आरोपों को नकारता रहा। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस इन सभी आरोपियों के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी।
वसूली का बड़ा रैकेट चल रहा था
विजिलेंस के इंस्पेक्टर ने पहले मामले की प्रारंभिक जांच की थी, जिसमें तथ्यों के आधार पर खुलासा हुआ था कि महोबा में खनन माफिया, क्रशर कारोबारियों व ट्रांसपोर्टरों से वसूली का बड़ा खेल चल रहा था। लखनऊ के एक ट्रांसपोर्टर से भी दो लाख रुपये वसूले गए थे। उसने भी शिकायत की थी। उस पर भी केस दर्ज हुआ था। जो वसूली नहीं देते थे, उन ट्रांसपोर्टरों के ट्रक सीज किए जाते थे। एसपी समेत अन्य पुलिसकर्मी इसमें शामिल थे।
यह थी पूरी घटना
महोबा के कबरई निवासी क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को 8 सितंबर 2020 को संदिग्ध हालात में गोली लगी थी। 13 सितंबर को कानपुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि सात सितंबर को इंद्रकांत ने एक वीडियो बनाकर वायरल किया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर उगाही का आरोप लगाया था। यह भी कहा था कि एसपी पांच लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। न देने पर धमकी मिल रही है। अगर कुछ भी होगा तो उसके जिम्मेदार एसपी होंगे। इसी आधार पर एसपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। बाद में भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ था।