कानपुर: दो महीने मीटर में स्टोर हुई यूनिट, रीडिंग लेने पर दोगुना-तिगुना आ रहा बिल, उपभोक्ता परेशान
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बढ़े बिजली बिल को ऐसे समझें
बिजली का बिल 30 दिन के हिसाब से निर्धारित यूनिट के हिसाब से बनता है। मसलन 150 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने पर बिल 5.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बनता है। अब रीडिंग नहीं हुई तो यूनिट भी बढ़ गई। अब अगर एक यूनिट भी बढ़ गई तो पूरा बिल 151 यूनिट के स्लैब के हिसाब से यानी छह रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बन रहा है। यहीं 301 यूनिट से ज्यादा स्टोर होने पर बिल 6.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बनकर आ रहा है। यूनिट ज्यादा स्टोर होने से बिल की स्लैब भी बढ़ जा रही है। ऐसे में बिल बढ़कर आ रहे हैं।
केस-1
स्वरूप नगर के नवीन मित्तल का बिल अप्रैल में औसत बिल के हिसाब से 1500 रुपये और रीडिंग लेने पर 6500 रुपये आया है। दो लोगों के परिवार का बिल 1000 से 1200 रुपये आता था। दो महीने का बिल ढाई से तीन हजार आ जाता तो शंका न होती।
केस-2
नौबस्ता के वी सक्सेना का दो महीने का बिल 6160 रुपये आया है। 14 अप्रैल को उन्होंने मार्च का बिल 1168 रुपये जमा किया था। उनका कहना है कि रीडिंग लेने और 1168 रुपये जमा करने के बाद भी छह हजार से अधिक का बिल समझ से परे है।
जमा किया गया पैसा भी जोड़ दिया, बिल सही करने में आनाकानी
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने केस्को की ओर से भेजे गए औसत बिल को जमा कर दिया था। अब जब रीडिंग लेने के बाद बिल आए हैं तो उसमें जमा किया गया पैसा कम नहीं किया गया है। बिल सही कराने के लिए केस्को सबस्टेशन जा रहे हैं तो आनाकानी कर रहे हैं।
शहरी क्षेत्र में घरेलू बिजली की दर
0 से 150 यूनिट पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट
151 से 300 यूनिट पर 6.00 रुपये प्रति यूनिट
301 से 500 यूनिट पर 6.50 रुपये प्रति यूनिट
501 यूनिट से ज्यादा 7.00 रुपये प्रति यूनिट
दक्षिणांचल ग्रामीण क्षेत्रों का बिल भी बढ़ा
0 से 100 यूनिट पर 3.35 रुपये प्रति यूनिट
101 से 150 पर 3.85 रुपये प्रति यूनिट
151 से 300 पर 5.00 रुपये प्रति यूनिट
300 से 500 पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट
301 यूनिट से अधिक पर 6.00 रुपये प्रति यूनिट
कौन क्या बोला
स्लैब बढ़ने से बिजली के बिल पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। गर्मी में खपत बढ़ती है, इसलिए ज्यादा बिल बन रहा है। मार्च का बिल बिना रीडिंग के कम बना था, इसलिए रीडिंग में बिजली का बिल बढ़ रहा है।
आरके सिंह, एक्सईएन, आईटी डिवीजन, केस्को
बढ़े बिल से न सिर्फ आम उपभोक्ता परेशान हो रहा है बल्कि मीटर रीडरों और उपभोक्ताओं में मारपीट की आशंका भी है। इस मामले की शिकायत शासन में की जाएगी।
दिनेश सिंह भोले, महामंत्री, संविदा कर्मचारी संगठन, केस्को