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कानपुर: समर डायरिया से दो और मौतें, बालरोग अस्पताल के बेड फुल
Wed, 13 Apr 2022 11:15 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 13 Apr 2022 11:15 PM IST
सार
डॉक्टरों ने बताया कि गर्मी में बासी खाना और बाजार में खुले बिक रही चीजों को खाने से भी संक्रमण हो जा रहा है। इससे डायरिया और गैस्ट्रोइंटाइटिस हो जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर में गर्मी के साथ समर डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। डायरिया के बाद बच्चों को निमोनिया भी हो रहा है। अस्पतालों में रोगियों का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है। बुधवार को डायरिया के दो और रोगियों की मौत हो गई। हैलट के बालरोग अस्पताल में रोगी क्षमता से अधिक हो गए हैं।
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एक बेड पर दो रोगियों को भर्ती किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी की वजह से डिहाइड्रेशन हो जाता है। रोगी के शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। समर डायरिया की चपेट में सबसे अधिक छोटे बच्चे हैं। गर्मी में मेनिनजाइटिस के रोगी भी आ रहे हैं।
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गंभीर बालरोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। हैलट के बालरोग अस्पताल में डायरिया और निमोनिया के साथ फूड प्वाइजनिंग के भी मामले आ रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि गर्मी में बासी खाना और बाजार में खुले बिक रही चीजों को खाने से भी संक्रमण हो जा रहा है।
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इससे डायरिया और गैस्ट्रोइंटाइटिस हो जाता है। फजलगंज के निशांत (54) को समर डायरिया से गैस्ट्रोइंटाइटिस हुआ फिर हो गई मौत। उन्हें निमोनिया भी रहा है। रोगी को निजी अस्पताल से हैलट रेफर किया गया था। इसी तरह रावतपुर के जसबीर की दो साल की बच्ची की बुधवार तड़के मौत हो गई। उसका इलाज क्षेत्र के डाक्टर के यहां चल रहा था। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि डायरिया, निमोनिया के रोगियों की संख्या बढ़ रही है।