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Kanpur: निमोनिया से दो की मौत, रोगी गंभीर हालत में भर्ती, सांस तंत्र के रोगियों को खतरा अधिक
Sat, 21 Sep 2024 07:32 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 21 Sep 2024 07:32 PM IST
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हैलट अस्पताल
- फोटो : सोशल मीडिया
वायरल संक्रमण अब लोगों को लंबे समय तक परेशान कर रहा है। वायरल फीवर ठीक होने में तीन सप्ताह लग रहे हैं। इसके साथ ही जिन रोगियों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है, उन्हें निमोनिया हो जा रहा है। शनिवार को निमोनिया से दो रोगियों की मौत हो गई। इसके साथ ही रोगियों को गंभीर हालत में हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। वायरल संक्रमण के रोगियों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण उभरते हैं। इसके साथ ही प्लेटलेट्स काउंट कम हो रहा है।
हैलट इमरजेंसी में शनिवार को मृत हालत में दो रोगियों को इमरजेंसी लाया गया। रोगियों की पहले ही मौत हो चुकी थी। नवाबगंज के रहने वाले किशोरीलाल (55) की निमोनिया से मौत हुई। वह पहले से अस्थमा रोगी रहे हैं। परिजनों ने बताया कि बुखार के बाद सांस में दिक्कत होने लगी। इसी तरह कल्याणपुर के रहने वाले दमा रोगी नंदलाल (62) की मौत हुई है। हालत बिगड़ने पर उन्हें क्षेत्र के निजी अस्पताल ले जाया गया था। वहां वेंटिलेटर की जरूरत बताकर हैलट रेफर किया गया था।
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हैलट इमरजेंसी में शनिवार को मृत हालत में दो रोगियों को इमरजेंसी लाया गया। रोगियों की पहले ही मौत हो चुकी थी। नवाबगंज के रहने वाले किशोरीलाल (55) की निमोनिया से मौत हुई। वह पहले से अस्थमा रोगी रहे हैं। परिजनों ने बताया कि बुखार के बाद सांस में दिक्कत होने लगी। इसी तरह कल्याणपुर के रहने वाले दमा रोगी नंदलाल (62) की मौत हुई है। हालत बिगड़ने पर उन्हें क्षेत्र के निजी अस्पताल ले जाया गया था। वहां वेंटिलेटर की जरूरत बताकर हैलट रेफर किया गया था।
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इसी दौरान मौत हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि इस समय रेस्पेरेटरी सेंसियल वायरस का संक्रमण फैला है। रोगी तीन सप्ताह में ठीक हो रहे हैं। एक सप्ताह में बुखार उतरता है लेकिन खांसी और शरीर में दर्द दो सप्ताह तक बना रहता है। जो रोगी संदिग्ध लगेंगे, उनकी स्वाइन फ्लू और डेंगू की जांच कराई जाएगी।