Kanpur: ट्रिपिंग ने बिगाड़ी चाल…गर्मी में लोग बेहाल, केस्को एमडी बोले- खपत बढ़ी, इसलिए बार-बार जा रही बिजली
Kanur News: उमस भरी गर्मी अभी दो दिन और बेहाल करेगी। वहीं, गर्मी के चलते बिजली की डिमांड ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 11 जून को 783 मेगावाट बिजली की डिमांड रही, जबकि बीते साल जून में सर्वाधिक 782 मेगावाट बिजली की डिमांड थी।
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कानपुर शहर में बिजली संकट की सबसे बड़ी समस्या ट्रिपिंग है जिससे बार-बार बिजली आ-जा रही है। बिजली खपत बढ़ने से ऐसा है। 11 जून को शहर में बिजली की सबसे ज्यादा 783 मेगावाट की मांग रही जो इस गर्मी की सबसे अधिकतम है। यह जानकारी गुरुवार को मुख्यालय में केस्को एमडी सैमुअल पॉल ने दी।
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में ज्यादा बिजली चोरी हो रही है, वहां ट्रिपिंग की समस्या ज्यादा है। पीक ऑवर्स में जिन सबस्टेशनों और फीडरों का लोड अधिक होता है, वहां रेड टीम के पहुंचने पर लोड कम हो जाता है। रात के वक्त कटिया लगने से लोड बढ़ने पर ट्रिपिंग बढ़ रही है।
ट्रिपिंग ने बिगाड़ी बिजली की चाल, गर्मी में लोग बेहाल
शहर में बार-बार की ट्रिपिंग ने बिजली की चाल बिगाड़ दी है। रात में कई घंटे बिजली जाने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। एक दिन में लगभग 20 से 25 फॉल्ट हो रहे हैं। इसका कारण लोड बढ़ना बताया जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों की कमी से फॉल्ट बनाने में देरी होती है। शहर में बिजली का लोड 763 मेगावाट तक पहुंच चुका है।
पुरानी लाइनें गर्म होने से हो रहे हैं फॉल्ट
पिछले साल मई व जून के बीच 714 मेगावाट की डिमांड थी। 24 घंटे में आठ से दस बार ट्रिपिंग हो रही है। एक बार ट्रिपिंग के बाद कई घंटे बिजली नहीं आती है। उधर, शहर में 20 साल पुरानी जर्जर लाइनें मुसीबत बनी हैं। पुरानी लाइनें गर्म होने से फॉल्ट हो रहे हैं। हालांकि केस्को की ओर से इन दिनों आरडीएस के तहत पूरे शहर में पुराने तारों को बदलकर नए तार खींचे जा रहे हैं।
कम हुए हैं बिजली चोरी के मामले
लेकिन, इस गर्मी के दौरान कौशलपुरी, जनरलगंज, कल्याणपुर, बेकनगंज, बिरहाना रोड स्थित दवा मार्केट, साकेतनगर समेत अन्य इलाकों में अभी भी पुराने तारों पर ही सप्लाई हो रही है। इससे यहां फॉल्ट भी ज्यादा होते हैं। कल्याणपुर, चमनगंज, नमक फैक्टरी एरिया, शास्त्रीनगर में पहले की अपेक्षा इस वर्ष बिजली चोरी के मामले कम हुए हैं।
इन इलाकों में है सबसे अधिक लोड और लाइन लॉस के केस
शहर के कई सबस्टेशनों पर 50 फीसदी लाइन लॉस रहता था, अब वहां पर 10 से 15 फीसदी लाइन लॉस रह गया है। केस्को की विजिलेंस टीम दिन और रात में अधिक लोड और लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में छापेमारी करके इस पर रोक लगा रही है। वर्तमान में कल्याणपुर, चमनगंज, नमक फैक्टरी एरिया, शास्त्रीनगर, बाबूपुरवा आदि क्षेत्रों में सबसे अधिक लोड और लाइन लॉस के केस हैं।
चार साल में बिजली की मांग
- वर्ष 2021 में मई व जून में 588 मेगावाट।
- वर्ष 2022 में मई व जून में 688 मेगावाट।
- वर्ष 2023 में मई व जून में 678 मेगावाट।
- वर्ष 2024 में मई व जून में 714 मेगावाट।
- वर्ष 2025 में मई व जून में 783 मेगावाट।