फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Suicide, 24 hours counseling, still all is not well, these people also committed suicide in IIT

IIT Kanpur Suicide: सातों दिन…24 घंटे काउंसलिंग, फिर भी ऑल इज वेल नॉट, कैंपस में यह भी कर चुके हैं आत्महत्या

Fri, 11 Oct 2024 08:51 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 11 Oct 2024 08:51 AM IST
सार

Kanpur News: गुरुवार को जहां एक ओर पूरा विश्च मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा कर रहा था, ठीक उसी दिन किस मानसिक तनाव के चलते पीएचडी की छात्रा प्रगति ने किसी मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली।

विज्ञापन
Kanpur Suicide, 24 hours counseling, still all is not well, these people also committed suicide in IIT
IIIT Kanpur Suicide - फोटो : amar ujala

विस्तार

जिस आईआईटी कानपुर में छात्रों के लिए सातों दिन और 24 घंटे काउंसलिंग सेल संचालित हो रहा है, वहीं की छात्रा प्रगति ने किस तनाव के चलते आत्महत्या का कदम उठाया, इसकी जानकारी न तो संस्थान के जिम्मेदारों को है और न ही परिजन ही कुछ बता पा रहे हैं। होने वाली वैज्ञानिक की मौत पर संस्थान की ओर से सिर्फ एक सांत्वना पत्र जारी कर इसे पुलिस जांच का विषय बताया गया है। प्रगति को प्रतिमाह 42 हजार रुपये फैलोशिप के भी मिलते थे।

विज्ञापन

बता दें कि गुरुवार को जहां एक ओर पूरा विश्च मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा कर रहा था, ठीक उसी दिन किस मानसिक तनाव के चलते पीएचडी की छात्रा प्रगति ने किसी मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। देखा जाए तो आईआईटी परिसर में आत्महत्या करने वाली प्रगति पहली छात्रा नही हैं। कैंपस में सुसाइड करने का सिलसिला 18 सालों से चला आ रहा है। जान देने वालों में छात्र ही नहीं प्रोफेसर व स्टाफ के भी लोग रहे हैं।

विज्ञापन

एक माह में तीन लोगों ने की थी आत्महत्या
आईआईटी कानपुर में तनाव के चलते दिसंबर-23 से जनवरी-24 के बीच एक माह में तीन लोगों ने आत्महत्या की है। इसमें एक प्रोजेक्ट मैनेजर और दो छात्र शामिल रहे। 19 दिसंबर 2023 को शोध सहायक स्टॉफ डॉ. पल्लवी चिल्का तो 10 जनवरी 2024 को एमटेक छात्र विकास मीणा और 18 जनवरी 2024 को पीएचडी छात्रा प्रियंका जायसवाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या की थी।

विज्ञापन

कैंपस में यह भी कर चुकें हैं आत्महत्या

07 सितंबर 2022– वाराणसी निवासी पीएचडी छात्र प्रशांत सिंह ने फंदा लगाकर आत्महत्या की।
12 मई 2021– संस्थान के असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुरजीत दास ने भी फंदा लगाया था।
09 जुलाई 2020– आईआईटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रमोद सुब्रमण्यन ने फंदा लगाकर सुसाइड किया।
30 दिसंबर 2019– संस्थान में सिक्योरिटी गार्ड आलोक श्रीवास्तव ने भी फंदा लगाकर जान दी।
19 अप्रैल 2018– फिरोजाबाद निवासी पीएचडी छात्र भीम सिंह ने फंदा लगाकर आत्महत्या की।

विज्ञापन

03 जनवरी 2009– एमटेक छात्र जी सुमन ने आत्महत्या की।
30 मई 2008– छात्र टोया चटर्जी ने फंदा लगाकर जान दी।
12 अप्रैल 2008– छात्र प्रशांत कुमार कुरील ने फंदा लगाकर आत्महत्या की।
25 अप्रैल 2007– जे भारद्वाज ने ट्रेन से कटकर जान दी।
03 मई 2006– शैलेश कुमार शर्मा ने फंदा लगाकर जान दी।

अब पीएचडी की छात्रा ने हॉस्टल में दी जान
कानपुर आईआईटी के हॉस्टल में पीएचडी (भू-गर्भ विज्ञान) अंतिम वर्ष की छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह जब काफी देर तक छात्रा ने साथियों का फोन नहीं उठाया तो अनहोनी का शक हुआ। प्रबंधन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब छात्रा के कमरे का दरवाजा तोड़ा तो सामने पंखे से रस्सी के सहारे छात्रा का शव फंदे से लटक रहा था। पुलिस व फोरेंसिक ने पूरे कमरे की जांच की। इस दौरान पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। एसीपी अभिषेक पांडे ने बताया कि सुसाइड नोट में छात्रा ने खुद को ही अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।

कमरे से मिले सुसाइड नोट में खुद को बताया मौत का जिम्मेदार
चकेरी के सजारी सनिगवां निवासी गोविंद खरया की बेटी प्रगति (27) आईआईटी के हॉस्टल परिसर में चौथी मंजिल के कमरा संख्या डी-116 में रहकर पीएचडी की तैयारी कर रही थी। पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह प्रगति अपनी क्लास में नहीं पहुंची, तो उसके साथियों ने उसे फोन किया। काफी देर तक जब फोन रिसीव नहीं हुए और न ही प्रगति के कमरे का दरवाजा खुला तो साथियों ने आईआईटी प्रबंधन को इसकी सूचना दी। इसके बाद कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और प्रगति के कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में लिया।

परिवार की एकलौती बेटी थी प्रगति
प्रगति के पिता गोविंद शहर की एक प्रतिष्ठित सराफ की फर्म में स्टाक मैनेजर की नौकरी करते हैं। प्रगति के परिवार में मां संगीता, तीन भाई सत्यम, शिवम और सुंदरम हैं। प्रगति परिवार की एकलौती थी। बड़े भाई सत्यम घर से ही स्टेशनरी का काम करते हैं। शिवम राउरकेला स्थित एनटीपीसी में कार्यरत हैं और सुंदरम इनफोसिस में नौकरी करते हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी अग्रिम कार्रवाई
परिजनों ने बताया कि प्रगति हाईस्कूल से स्नातक तक टॉपर रही है। उसने बीएससी हंसराज कॉलेज दिल्ली और एमएससी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से किया था। वह बीते ढाई साल से आईआईटी से भू-गर्भ विज्ञान (जियोलॉजिकल साइंस) से पीएचडी कर रही थी। एसीपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सुसाइड का लग रहा है। परिजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed