Kanpur: महंगाई की मार से चीनी कड़वी, 10 दिन में 7 रुपये का उछाल, मिलों के एजेंट हर खोल रहे दिन नए-नए रेट
Kanpur News: कानपुर में पिछले 10 दिनों के भीतर चीनी के दामों में 7 रुपये प्रति किलो तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। थोक बाजार में चीनी 52 रुपये और फुटकर में 55 रुपये किलो तक बिक रही है। व्यापारियों का आरोप है कि मिलों के एजेंट रोज नए रेट खोलकर कृत्रिम तेजी बना रहे हैं, जिससे आने वाले त्योहारों पर आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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चीनी के भावों ने दाम के मामले में नया रिकाॅर्ड बना दिया है। फुटकर में भाव 55 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। थोक में इसका भाव 52 रुपये किलो हो गया है। 10 दिन में सात रुपये किलो तक चीनी के दाम बढ़ गए हैं। आगे भी तेजी की संभावना जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि चीनी मिलों के एजेंट चीनी खरीदकर रोज नए रेट खोल रहे हैं। सरकार ने तत्काल सख्त कदम नहीं उठाए, तो चीनी के दाम 60 रुपये किलो पहुंचने में देर नहीं लगेगी।
कानपुर शुगर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल माहेश्वरी ने बताया कि चीनी की कीमतों को काबू में रखने के लिए स्टॉक लिमिट लागू की गई है। कोई भी चीनी डीलर किसी भी स्टॉक को 30 दिन से ज्यादा समय तक अपने पास नहीं रख सकेगा। अब एक समय पर किसी भी जगह 4,000 क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक रखने की भी अनुमति नहीं है।
हर दिन नए-नए रेट खोल रहे हैं
उन्होंने बताया कि इस बार गन्ने की फसल भी अच्छी हुई है। कहीं पर कोई कमी भी नहीं थी लेकिन एजेंटों ने चीनी के दाम बढ़ा दिए हैं। उनकी भूमिका सवालों के घेरे में हैं] क्योंकि वे हर दिन नए-नए रेट खोल रहे हैं। सरकार को इस पर तेजी से हस्तक्षेप करना चाहिए नहीं तो 60 रुपये किलो भाव पहुंचने में देर नहीं लगेगी। त्योहार आने वाले हैं। चीनी की मांग हमेशा ही रहती है। त्योहारों में कई गुना बढ़ जाती है।
कुछ दिनों के बाद सामान्य हो गए थे दाम
किराना व्यापारी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि 10 दिन पहले थोक में चीनी के भाव 47-48 रुपये किलो थे। किराना व्यापारी रितेश द्विवेदी ने बताया कि फुटकर में चीनी के दाम 55 रुपये किलो पहुंच गए हैं। शुक्रवार को होलसेल रेट 52 रुपये किलो रहा। उन्होंने बताया कि 2008 में भी ऐसी ही कृत्रिम किल्लत पैदा की गई थी और चीनी के दाम 40 रुपये किलो तक बढ़ गए थे। उस दौरान चीनी का भाव 18-19 रुपये किलो था। हालांकि कुछ दिनों के बाद चीनी के दाम सामान्य हो गए थे।