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Kanpur: व्हीलचेयर देख छात्रा को नहीं दिया दाखिला, डीएम की सख्ती से खुला शिक्षा का रास्ता

Sat, 02 Aug 2025 10:08 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 02 Aug 2025 10:08 PM IST
सार

व्हीलचेयर देख छात्रा को दाखिला नहीं दिया तो डीएम की सख्ती से छात्रा की शिक्षा का रास्ता खुला। मामला मंधना स्थित निजी विश्वविद्यालय का है।

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Kanpur: Student not given admission after seeing wheelchair
दिव्यांग छात्रा श्रेया शुक्ला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के मंधना स्थित एक निजी विश्वविद्यालय ने व्हीलचेयर पर आने की वजह से एक दिव्यांग छात्रा को एलएलएम में दाखिला नहीं दिया। इस पर छात्रा ने बीते बुधवार को जिलाधिकारी से जनता दर्शन में मिलकर दाखिला दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने एसडीएम सदर अनुभव सिंह को तत्काल संस्थान के अधिकारियों से बात कर दाखिला दिलाने के लिए कहा। इसके बाद एसडीएम ने संस्थान से वार्ता की तो एक अगस्त को छात्रा को प्रवेश परीक्षा देने का मौका दिया गया। इसमें अच्छे अंक आने पर उसे शनिवार को एलएलएम में प्रवेश मिला।
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रामबाग निवासी एलके शुक्ल अपनी दिव्यांग बेटी श्रेया के साथ 30 जुलाई को जिलाधिकारी से मिलने जनता दर्शन में पहुंचे। उन्होंने बताया कि बेटी ने डीसी लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है। वह अब एलएलएम करना चाहती है। एक निजी विश्वविद्यालय ने पहले उन्हें प्रवेश का भरोसा दिया, पीडब्ल्यूडी श्रेणी में फीस में छूट और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। जब बेटी 29 जुलाई को दाखिले के लिए पहुंची तो संस्थान के अधिकारियों ने यह कहकर मना कर दिया कि व्हीलचेयर पर आने वाले का दाखिला नहीं लेते।
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उन्होंने यूजीसी के दिशा-निर्देश, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और उच्चतम न्यायालय के निर्णयों का हवाला देते हुए बेटी के साथ हुए भेदभाव की शिकायत की। इस पर डीएम ने एसडीएम सदर को विवि प्रबंधन से बात कर छात्रा को प्रवेश दिलाने के लिए कहा था। प्रवेश मिलने पर छात्रा और उसके पिता ने डीएण व एसडीएम के प्रति आभार व्यक्त किया।
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सरकार ने दिव्यंगों के सशक्तिकरण के लिए नियम बनाए हैं। इनका कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। किसी भी संस्था को अधिकार नहीं है कि वह दिव्यांगता के आधार पर किसी छात्र या छात्रा को शिक्षा से वंचित करे। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी

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