Kanpur Solver Gang: बिहार की नामी कोचिंग में पढ़े, नौकरी नहीं लगी तो बने सॉल्वर, पुलिस तलाश रही है लोकल लिंक
Kanpur News: यूपीएसएसएससी की परीक्षा में दूसरों की जगह ठेके पर बिहार के छात्र परीक्षा दे रहे थे। मामले में पकड़े गए सॉल्वरों से पूछताछ में खुलासा हुआ है। अब पुलिस लोकल लिंक तलाशने में जुटी है। पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी सॉल्वरों को जेल भेजा है।
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कानपुर में यूपीएसएसएससी परीक्षा में पकड़े गए साॅल्वरों को पुलिस ने पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है, लेकिन इनसे हुई पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। कई सॉल्वर ऐसे मिले हैं, जिन्होंने बिहार के नामी कोचिंग इंस्टीट्यूट के ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये पहले पढ़ाई कर खुद को परीक्षा के लिए तैयार किया।
जब उनका परीक्षा में चयन नहीं हुआ, तो सॉल्वर बन बैठे। इनमें से ज्यादातर सॉल्वर दसवीं, बारहवीं की परीक्षा में अच्छे अंकों से पास हुए हैं। वहीं, कुछ सॉल्वर दिल्ली के मुखर्जीनगर में कोचिंग इंस्टीट्यूटों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे। हालांकि इसी दौरान उनका सॉल्वरों से संपर्क हो गया और वह दूसरों के लिए परीक्षा देने लगे।
कमिश्नरी पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि चूंकि इस मामले में पहले ही एसटीएफ सक्रिय है। इसलिए जो भी सूचना आ रही है, उसे उससे भी साझा किया जा रहा है ताकि साॅल्वरों के इस गिरोह के रैकेट को तोड़ा जा सके। बता दें, पुलिस ने दो दिन की परीक्षा में पकड़े कुल 29 सॉल्वरों व नकलचियों को जेल भेजा है।
लोकल लिंक की तलाश में भी जुटी पुलिस
दो दिन चली परीक्षा में प्रयागराज से लेकर बिहार और दिल्ली तक के लोगों की भूमिका के सामने आने के बाद पुलिस अब इनका लोकल लिंक तलाश रही है। इस बात को भी चेक कर रही है कि यह सभी अपने नेटवर्क के जरिये कानपुर में रहे या फिर उन्हें कोई स्थानीय मदद मिली। पुलिस कोचिंग मंडी की भूमिका है या नहीं को जांचना चाहती है।