Kanpur: मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद छह की रोशनी गई, चार रोगियों की आंखें सड़ीं, दो को बचाने में जुटे डॉक्टर
कानपुर में बर्रा के आराध्या आई सेंटर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद छह लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। ऑपरेशन करने के पांच घंटे के अंदर ही मरीजों को घर भेज दिया गया, जबकि कम से कम 12 घंटे तक मरीजों को डॉक्टरों को अपनी निगरानी में रखना चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानपुर में बर्रा के आराध्या आई सेंटर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद छह लोगों की आंखों की रोशनी जाने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि ऑपरेशन करने के पांच घंटे के अंदर ही मरीजों को घर भेज दिया गया। ऑपरेशन कराने वाले चार रोगियों की आंखों में बुरी तरह सड़न पैदा हो गई है। संक्रमण की वजह से उनकी कार्निया गल कर सफेद हो गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को रोगियों की जांच जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में कराई। रोगियों की आंखें संक्रमण के कारण खराब हुई हैं। परीक्षण के बाद नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर संक्रमण खत्म करने में जुटे गए जिससे पुतली बाहर न निकालनी पड़ी। दो रोगियों की आंखों में कार्निया थोड़ी बची हुई है, जिससे उसमें सुधार की कोशिश की जा रही है। पांच रोगियों को हैलट में भर्ती कर लिया गया है। एक रोगी क्षेत्रीय डॉक्टर से इलाज कराने की बात कहकर वापस लौट गई।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया कि चार रोगियों की कार्निया अंदर तक सड़ गई है। आंख का गोला बचाने की कोशिश कर रहे हैं। रोगियों की आंखों में अलग-अलग दिनों में संक्रमण हुआ है। मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी गंवाने वाले छह रोगियों को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग लाया गया।
इस प्रकरण में एसीएमओ डॉ. एसके सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच टीम रोगियों को लेकर आई। रोगियों को शिवराजपुर से एंबुलेंस से लाया गया था। मुन्नी देवी (70), शेर सिंह (70), रमेश कश्यप (50), सुल्ताना देवी (75), ज्ञानवती (70), राजराम (70) की आंखों की जांच विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान और डॉ. शालिनी मोहन ने की।
रोगी रमा देवी नहीं आईं। इनमें ज्ञानवती, रमेश कश्यप, सुल्ताना देवी, मुन्नी देवी की आंख की पुतली संक्रमण के कारण सफेद पड़ गई है। उनकी आंखों में एंटीबायोटिक के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. एसके सिंह ने रोगियों को बुलाकर उनके बयान लिए। रोगी ज्ञानवती आंखों की जांच कराने के बाद लौट गईं। उनका कहना था कि वह क्षेत्रीय डॉक्टर के यहां जांच कराएंगी। पांच रोगियों को भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही आराध्या आई हॉस्पिटल में रोगियों का आपरेशन करने वाले डॉ. नीरज गुप्ता के आपरेशन थिएटर की जांच मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन ने की। उन्होंने बताया कि आपरेशन थिएटर में कोई कमी नहीं मिली। उसमें स्थिति मानक के अनुरूप मिली हैं। रोगियों को संक्रमण कैसे हुआ है? इस दिशा में टीम ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।