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Kanpur News: आरटीई के तहत कानपुर को मिले 13.48 करोड़ रुपये
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कानपुर। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में पढ़ रहे गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति के लिए सरकार ने बजट जारी किया है। पूरे प्रदेश के लिए 391 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है। कानपुर जिले को 13 करोड़ 48 लाख 65 हजार रुपये की धनराशि मिली है।
जिले में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में करीब 20 हजार बच्चे पढ़ते हैं। हर बच्चे को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हर साल पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर बताया है कि यह पैसा कक्षा एक से आठ तक के पात्र बच्चों की फीस के भुगतान के लिए है। शासन ने जांच के बाद ही भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इससे हजारों बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही स्कूलों के लंबित भुगतान भी किए जा सकेंगे।
दस्तावेज सही न होने पर अटक सकता भुगतान
बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभिभावकों के बैंक खाते, आधार या अन्य दस्तावेजों में गलती होने से फीस प्रतिपूर्ति का पैसा रुक जाता है। उन्होंने स्कूलों और अभिभावकों से कहा है कि बैंक खाता संख्या, नाम और अन्य दस्तावेज समय पर सही करा लें। स्पष्ट कॉपी ही जमा करें ताकि धनराशि सीधे खाते में भेजी जा सके।
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जिले में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में करीब 20 हजार बच्चे पढ़ते हैं। हर बच्चे को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हर साल पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। बेसिक शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर बताया है कि यह पैसा कक्षा एक से आठ तक के पात्र बच्चों की फीस के भुगतान के लिए है। शासन ने जांच के बाद ही भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इससे हजारों बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही स्कूलों के लंबित भुगतान भी किए जा सकेंगे।
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दस्तावेज सही न होने पर अटक सकता भुगतान
बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह ने बताया कि अभिभावकों के बैंक खाते, आधार या अन्य दस्तावेजों में गलती होने से फीस प्रतिपूर्ति का पैसा रुक जाता है। उन्होंने स्कूलों और अभिभावकों से कहा है कि बैंक खाता संख्या, नाम और अन्य दस्तावेज समय पर सही करा लें। स्पष्ट कॉपी ही जमा करें ताकि धनराशि सीधे खाते में भेजी जा सके।
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