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कानपुर: प्रधानमंत्री मेगा लेदर क्लस्टर की भी रख सकते हैं नींव, रमईपुर में 235 एकड़ में प्रस्तावित है क्लस्टर
Wed, 08 Dec 2021 05:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 08 Dec 2021 05:59 PM IST
सार
क्लस्टर बनने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दो लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। पिछले साल दिसंबर में सरकार ने क्लस्टर की मंजूरी दी थी। मेगा लेदर क्लस्टर बनने से चमड़ा कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। यहां करीब छह हजार करोड़ का निवेश होना है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
विस्तार
कानपुर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रमईपुर में बनने वाले मेगा लेदर क्लस्टर की भी नींव रख सकते हैं। क्लस्टर के लिए भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया संबंधी अंतिम अड़चन भी दूर कर ली गई है। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है।
क्लस्टर बनने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दो लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। पिछले साल दिसंबर में सरकार ने क्लस्टर की मंजूरी दी थी। मेगा लेदर क्लस्टर बनने से चमड़ा कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। यहां करीब छह हजार करोड़ का निवेश होना है।
क्लस्टर में जूते, सैडलरी के अलावा अन्य चमड़ा उत्पादों की फ्लैटेड इकाइयों समेत 175 टेनरियों की स्थापना की जानी है। इनसे 13 हजार करोड़ का सालाना उत्पादन होगा। आठ साल पुराने इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से चमड़ा उद्योग में स्थायित्व आएगा।
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प्रदूषण की समस्या खत्म होगी। टेनरियों की बंदी जैसी समस्या का समाधान होगा। 235 एकड़ के इस प्रोजेक्ट में 55 एकड़ में टेनरियां, 30 फीसदी जमीन पर ग्रीन बेल्ट होगी। 20 एमएलडी क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके अलावा प्रदर्शनी हॉल, कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं भी होंगी।
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क्लस्टर बनने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दो लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। पिछले साल दिसंबर में सरकार ने क्लस्टर की मंजूरी दी थी। मेगा लेदर क्लस्टर बनने से चमड़ा कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। यहां करीब छह हजार करोड़ का निवेश होना है।
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क्लस्टर में जूते, सैडलरी के अलावा अन्य चमड़ा उत्पादों की फ्लैटेड इकाइयों समेत 175 टेनरियों की स्थापना की जानी है। इनसे 13 हजार करोड़ का सालाना उत्पादन होगा। आठ साल पुराने इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से चमड़ा उद्योग में स्थायित्व आएगा।
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प्रदूषण की समस्या खत्म होगी। टेनरियों की बंदी जैसी समस्या का समाधान होगा। 235 एकड़ के इस प्रोजेक्ट में 55 एकड़ में टेनरियां, 30 फीसदी जमीन पर ग्रीन बेल्ट होगी। 20 एमएलडी क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके अलावा प्रदर्शनी हॉल, कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं भी होंगी।