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Kanpur: 800 करोड़ बह गए फिर भी गंगा में प्रदूषण डेढ़ गुना, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

Sat, 30 Jul 2022 08:11 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 30 Jul 2022 08:11 AM IST
सार

पानी के अंदर ऑक्सीजन की कमी बढ़ती जा रही है। इससे साफ है कि गंगा में लगातार टेनरियों और सीवरेज का कचरा नालों के जरिये सीधे गिराया जा रहा है। शुरुआत में गंगा नदी के लिए लाइलाज बने सीसामऊ नाले को केंद्र सरकार की सक्रियता के चलते बंद तो करा दिया गया लेकिन अभी भी करीब सात नाले ऐसे हैं, जिन्हें टैप नहीं किया जा सका है।

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Kanpur: Pollution in Ganga increased by one and a half times, revealed by Pollution Control Board's report
गंगा में प्रदूषण (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पिछले सात वर्षों में 800 करोड़ से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है लेकिन अभी भी प्रदूषण की स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। प्रदूषण नियंत्रण बोेर्ड की जुलाई महीने की रिपोर्ट के अनुसार गंगा में कई स्थानों पर विशेषकर जाजमऊ क्षेत्र में गंगा के जल में बीओडी (बायो डिजाल्व ऑक्सीजन) निर्धारित मात्रा से डेढ़ गुना ज्यादा है।

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यानि पानी के अंदर ऑक्सीजन की कमी बढ़ती जा रही है। इससे साफ है कि गंगा में लगातार टेनरियों और सीवरेज का कचरा नालों के जरिये सीधे गिराया जा रहा है। शुरुआत में गंगा नदी के लिए लाइलाज बने सीसामऊ नाले को केंद्र सरकार की सक्रियता के चलते बंद तो करा दिया गया लेकिन अभी भी करीब सात नाले ऐसे हैं, जिन्हें टैप नहीं किया जा सका है।
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दूसरी वजह यह है कि गंगा में टेनरियों और नालों का प्रदूषित पानी रोकने के लिए स्थापित किए गए ट्र्रीटमेंट प्लांट का संचालन सही तरीके से नहीं हो रहा है। यही वजह है कि गंगा में प्रदूषण कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। बोर्ड की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार गंगा में इस समय बीओडी की मात्रा में मई से लेकर जुलाई के बीच विशेष अंतर नहीं आया है।

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यानि पिछले कई महीने से गंगा में प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है। आक्सीजन की कमी से पानी के अंदर जलीय जंतुओं का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसा तब है जबकि इस समय गंगा में पानी की मात्रा बारिश की वजह से बढ़ा हुआ है। पानी कम रहने पर प्रदूषण और भी बढ़ा सामने आ सकता है।

आज आएगी स्वच्छ गंगा मिशन की टीम
महानगर में गंगा में प्रदूषण के साथ टेनरियों और ट्रीटमेंट प्लांट की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य स्वच्छ गंगा मिशन की छह सदस्यीय टीम लखनऊ से 30 जुलाई का आएगी। टीम दिन में 11 बजे से लेकर शाम तक अलग-अलग स्थानों पर जाएगी। जिसमें ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन करने वाली एजेंसी भी पूछताछ की जाएगी।

आंकड़ा 
3 मिली ग्राम प्रति लीटर से कम होनी चाहिए सामान्य बीओडी की मात्रा
5.2 मिली ग्राम प्रति लीटर मिली बीओडी की मात्रा

गंगा में प्रदूषण को लेकर अब किया गया
57 करोड़ की लागत से सीसामऊ सहित 10 नालों को टैप किया गया
150 करोड़ से बिनगवां में 210 एमएलडी का प्लांट स्थापित किया
28 करोड़ से सजारी में 42 एमएलडी का दूसरा प्लांट बनाया गया
370 करोड़ से गंगा के किनारे नई सीवर लाइन बिछाई गई
450 करोड़ से टेनरियों के लिए नया ट्रीटमेंट प्लांट निर्मित किया जा रहा है।
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